हाल ही में नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्रक्रिया को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने फार्मा जन समाधान पोर्टल को फार्मा सही दाम पोर्टल के साथ एकीकृत कर दिया है।
इस एकीकरण से दवा की कीमतों की जानकारी और शिकायत निवारण सेवाएं एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गई हैं जिससे नागरिक ऐप और पोर्टल के माध्यम से दोनों सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकते हैं।
फार्मा सही दाम पोर्टल के बारे में
फार्मा सही दाम (Pharma Sahi Daam) एक विशेष ऑनलाइन सर्च टूल और मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे उपभोक्ताओं को अनुसूचित (scheduled) और गैर-अनुसूचित (non-scheduled) दोनों प्रकार की दवाओं की कीमतों की तत्काल जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा विकसित यह ऐप उपयोगकर्ताओं को यह सत्यापित करने में सक्षम बनाता है कि दवाएं सरकार द्वारा अनुमोदित मूल्य सीमाओं के भीतर बेची जा रही हैं या नहीं।
दवा कंपनियों या केमिस्टों द्वारा की जाने वाली अधिक मूल्य वसूली (ओवरप्राइसिंग) के मामलों की पहचान करके, यह ऐप उपभोक्ता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करता है।
वस्तुतः यदि कीमतों में कोई अंतर पाया जाता है, तो उपयोगकर्ता इस ऐप के माध्यम से या फार्मा जन समाधान वेब पोर्टल के जरिए आसानी से एक औपचारिक शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के बारे में
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) का गठन भारत सरकार के 29 अगस्त, 1997 के एक प्रस्ताव के माध्यम से किया गया था।
यह रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग (DoP) के एक संबद्ध कार्यालय के रूप में कार्य करता है।
यह दवाओं की कीमत तय करने और सस्ती दरों पर दवाओं की उपलब्धता व पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र नियामक (regulator) है।
एनपीपीए की मुख्य जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO) के प्रावधानों के अनुसार दवाओं की कीमतें तय करना और उनमें संशोधन करना।
दवाओं की उपलब्धता और नियमों के अनुपालन की निगरानी करना।
दवा नीतियों (pharmaceutical policies) पर सलाह देना।
वर्तमान में, एनपीपीए उसे सौंपी गई शक्तियों के अनुसार फार्मास्यूटिकल्स विभाग (DoP) द्वारा जारी औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 को लागू कर रहा है।