New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

NIDAR 2.0

चर्चा में क्यों ? 

  • हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने ड्रोन फेडरेशन इंडिया (डीएफआई) के साथ मिलकर SwaYaan पहल के तहत ड्रोन एप्लीकेशन और रिसर्च के लिए नेशनल इनोवेशन चैलेंज (NIDAR 2.0, 2026-27) के दूसरे संस्करण की शुरूआत की।

प्रमुख बिंदु 

  • NIDAR 2025-26 का पहला संस्करण मार्च 2025 में लॉन्च किया गया था। 
  • इसमें 22 राज्यों, 4 केंद्र शासित प्रदेशों और 109 शहरों के 3,448 छात्रों ने हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन और सटीक खेती के लिए ऑटोनॉमस ड्रोन सॉल्यूशन बनाए। 93 टीमें ग्रैंड फ़िनाले तक पहुँचीं, जिनमें से 24 टीमों ने कुल 40 लाख रुपये के इनाम जीते।
  • NIDAR 2.0 इस चुनौती का स्तर और ऊँचा करता है। यह पारंपरिक एयरफ्रेम से हटकर ऑटोनॉमस सिस्टम, स्वदेशी एवियोनिक्स और मुख्य ड्रोन कंपोनेंट्स पर ध्यान केंद्रित करता है। यह चैलेंज दो ट्रैक्स में चलेगा।
  • ट्रैक 1 : ड्रोन इनोवेशन में छात्र टीमों को पूरी तरह से ऑटोनॉमस स्वार्म ड्रोन बनाने का काम दिया गया है, जो बिना किसी बाहरी संचार नेटवर्क के आपदा क्षेत्र में बचे हुए लोगों का पता लगा सकें और मेडिकल सामग्री पहुँचा सकें। यह टीमों को एक ऐसा जीपीएस रहित ड्रोन विकसित करने की चुनौती भी देता है, जो औद्योगिक निरीक्षण के लिए सीमित इनडोर जगहों में नेविगेट कर सके।
  • ट्रैक 2 : कंपोनेंट इनोवेशन में टीमों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उपयोग करके VEGA प्रोसेसर पर आधारित स्वदेशी फ़्लाइट कंट्रोलर और ऑटोपायलट डिज़ाइन करने की चुनौती दी गई है। तकनीकी मूल्यांकन के बाद, टॉप 100 टीमों में से प्रत्येक को डेवलपमेंट, टेस्टिंग और इंटीग्रेशन के लिए दो VEGA प्रोसेसर किट मिलेंगी।

VEGA प्रोसेसर क्या है?

  • VEGA प्रोसेसर, ओपन-स्टैंडर्ड RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसरों की एक श्रृंखला है, जिसे मंत्रालय के माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक) ने डिज़ाइन किया है। 
  • NIDAR 2.0, कंपोनेंट इनोवेशन ट्रैक के केंद्र में इस प्रोसेसर को रखकर, छात्रों को भारतीय ड्रोन के कंट्रोल सिस्टम को भारत में बनी चिप्स पर बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • इसके बड़े दायरे को देखते हुए, NIDAR 2.0 के लिए इनाम की कुल राशि बढ़ाकर 65 लाख रुपये से ज़्यादा कर दी गई है। जीतने वाली टीमों को कॉर्पोरेट इंटर्नशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट और क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट भी मिलेंगे, ताकि वे अपने प्रोटोटाइप को कमर्शियल प्रोडक्ट में बदल सकें। 
  • नागरिक और रक्षा संबंधी ड्रोन में ज़्यादातर एक जैसी कोर तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसलिए, NIDAR से मिलने वाले नए विचार आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों के अनुरूप नागरिक और रक्षा क्षेत्र दोनों तरह के इस्तेमाल को मज़बूत कर सकते हैं।

स्वयान (SwaYaan) पहल के बारे में   

  • स्वयान नामक परियोजना भारत में यूएएस (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम)/ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित एवं सुदृढ़ करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की एक राष्ट्रीय पहल है। 
  • यह परियोजना भारत सरकार के वर्ष 2030 तक भारत को वैश्विक ड्रोन हब बनाने के संकल्प के अनुरूप है।

उद्देश्य:

  • स्वयान परियोजना का उद्देश्य स्नातक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों तथा मुक्त शिक्षार्थियों सहित समाज के सभी वर्गों के प्रतिभागियों को पाँच चिन्हित तकनीकी क्षेत्रों में 1,500 से अधिक शैक्षणिक, अनौपचारिक, अनुसंधान एवं ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों के माध्यम से सशक्त बनाना है।

क्रियान्वयन संस्थाएं: 

  • इस परियोजना का क्रियान्वयन 30 प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा है, जिनमें आईआईटी, आईआईएससी, आईआईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटीडीएम, सी-डैक तथा नीलिट केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, फिक्की, ईएसएससीआई, टीएसएससी, डीएफआई, एचएएल आदि जैसे कौशल परिषद एवं औद्योगिक निकाय परियोजना के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण दल के अभिन्न अंग हैं। ये संस्थाएँ नवीनतम तकनीकी परिवर्तनों, बाज़ार की आवश्यकताओं तथा मानकों के अनुरूप गतिविधियों की योजना एवं पाठ्यक्रम विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जिससे
  • इस प्रकार, शिक्षा के विभिन्न स्तरों, क्षेत्रीय सीमाओं, संस्थागत संसाधनों तथा यूएएस/ड्रोन क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञता एवं वर्तमान विकास को ध्यान में रखते हुए, एक व्यापक राष्ट्रीय यूएएस/ड्रोन मानव संसाधन विकास एवं प्रशिक्षण प्रणाली विकसित की जा रही है। 
  • इस परियोजना की रणनीति पाँच वर्षों की अवधि में यूएएस/ड्रोन एवं संबंधित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 40,000 से अधिक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की है, ताकि उद्योग की बढ़ती हुई कुशल जनशक्ति की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR