- चीन के गुआंगडोंग प्रांत के फोशान शहर में एक सीनियर हाई स्कूल में नोरोवायरस का प्रकोप हुआ है, जिसमें 103 छात्र संक्रमित पाए गए हैं।
- स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, सभी छात्रों की स्थिति स्थिर है और कोई गंभीर या घातक मामला रिपोर्ट नहीं किया गया है।
- स्कूल कैंपस को कीटाणुनाशक से साफ किया गया है और छात्रों की स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है।
- यह घटना 17 जनवरी 2026 को रिपोर्ट की गई थी। कुछ नेटिज़न्स ने दावा किया है कि वास्तविक संक्रमितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े 103 ही हैं।

नोरोवायरस क्या है?
- नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो मुख्य रूप से पेट और आंतों को प्रभावित करता है।
- यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट की सूजन) का प्रमुख कारण है, जिसे अक्सर "स्टमक फ्लू" कहा जाता है।
- यह कोरोना वायरस की तरह नहीं है, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, बल्कि यह दूषित भोजन, पानी या सतहों के माध्यम से फैलता है।
- नोरोवायरस दुनिया भर में आम है और हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करता है, खासकर स्कूलों, अस्पतालों और क्रूज जहाजों जैसे बंद स्थानों में।
- चीन में यह नया नहीं है; पहले भी ऐसे प्रकोप हो चुके हैं, जैसे 2025 में शैंडोंग प्रांत में।
लक्षण (Symptoms)

नोरोवायरस के संक्रमण के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 12 से 48 घंटों के अंदर दिखाई देते हैं। मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- उल्टी (Vomiting): अचानक और बार-बार उल्टी होना।
- दस्त (Diarrhea): पानी जैसा दस्त, जो निर्जलीकरण का कारण बन सकता है।
- पेट में दर्द या ऐंठन (Stomach Pain or Cramps)।
- मतली (Nausea)।
- हल्का बुखार (Mild Fever)।
- सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द (Headache and Muscle Aches)। लक्षण आमतौर पर 1-3 दिनों तक रहते हैं, लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों, बच्चों या बुजुर्गों में अधिक गंभीर हो सकते हैं। निर्जलीकरण सबसे बड़ी चिंता है, खासकर बच्चों में।
नॉरोवायरस फैलने के कारण :-
यह वायरस बहुत तेज़ी से फैलता है:
- गंदा या दूषित भोजन खाने से
- दूषित पानी पीने से
- संक्रमित व्यक्ति के हाथों से छुए गए खाने से
- अधपके शेलफिश खाने से
- दरवाज़े के हैंडल, नल, मोबाइल, टेबल जैसी सतहों से
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से
- यह वायरस सतहों पर दो सप्ताह तक जीवित रह सकता है।
नॉरोवायरस रोकथाम के तरीके (Prevention Methods)
नोरोवायरस के खिलाफ कोई वैक्सीन या विशेष दवा नहीं है, लेकिन इसे रोका जा सकता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण उपाय हैं:
- हाथों की सफाई: साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं, खासकर खाना खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद। अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर नोरोवायरस पर कम प्रभावी होता है, इसलिए साबुन का इस्तमल करें।
- भोजन और पानी की स्वच्छता: फल-सब्जियां अच्छी तरह धोएं, भोजन को ठीक से पकाएं। दूषित पानी या भोजन से बचें।
- सतहों की सफाई: संक्रमित क्षेत्रों को ब्लीच-बेस्ड क्लीनर से साफ करें। वायरस सतहों पर घंटों तक जीवित रह सकता है।
- संपर्क से बचें: संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं। अगर कोई बीमार है, तो घर पर रहें और दूसरों से अलग रहें।
- स्कूल या सार्वजनिक स्थानों में सावधानी: भीड़भाड़ वाले जगहों में मास्क या व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें, हालांकि यह मुख्य रूप से संपर्क से फैलता है।
यदि संक्रमण हो जाए, तो भरपूर तरल पदार्थ लें (ORS घोल) और डॉक्टर से सलाह लें। एंटीबायोटिक्स काम नहीं करते, क्योंकि यह वायरस है।