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ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन (PROG) अधिनियम और नियम, 2026

संदर्भ 

  • भारत को नवाचार और रचनात्मकता का वैश्विक केंद्र बनाने के साथ-साथ नागरिकों को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अगस्त 2025 में संसद द्वारा पारित ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन (PROG) अधिनियम के बाद, अब सरकार ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026 को अंतिम रूप दे दिया है। ये नियम 1 मई, 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। 

नियमों का उद्देश्य और दायरा 

  • ये नियम अधिनियम को लागू करने के लिए एक परिचालन ढांचा प्रदान करते हैं। 
  • इनका मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कौन-से गेम प्रतिबंधित ऑनलाइन मनी गेम की श्रेणी में आते हैं और कौन-से अनुमत सामाजिक गेम या ई-स्पोर्ट्स हैं। साथ ही, एक केंद्रीकृत नियामक तंत्र स्थापित कर इस क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। 

नियामक ढांचे की प्रमुख विशेषताएँ 

1. भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण की स्थापना 

  • नियमों के तहत एक केंद्रीय निकाय, भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा। 
  • यह प्राधिकरण ऑनलाइन मनी गेम्स की सूची तैयार करेगा, शिकायतों की जांच करेगा और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। 

2. गेम की प्रकृति का निर्धारण 

  • नियमों में यह तय करने के लिए स्पष्ट मानदंड दिए गए हैं कि कोई गेम मनी-आधारित है या नहीं। 
  • इसमें दांव, संभावित आर्थिक लाभ, राजस्व मॉडल और इन-गेम संपत्तियों के मुद्रीकरण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। इस प्रक्रिया को सामान्यतः 90 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रावधान है। 

3. पंजीकरण प्रणाली 

  • ई-स्पोर्ट्स और कुछ श्रेणी के ऑनलाइन गेम्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। 
  • सफल पंजीकरण के बाद सेवा प्रदाताओं को एक डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जो अधिकतम 10 वर्षों तक वैध रहेगा।  

4. उपयोगकर्ता सुरक्षा उपाय 

  • नियमों में उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। 
  • इसके तहत आयु सत्यापन, समय सीमा, अभिभावकीय नियंत्रण, रिपोर्टिंग टूल, परामर्श सहायता और निष्पक्ष खेल की निगरानी जैसी सुविधाएँ अनिवार्य की गई हैं। 

5. शिकायत निवारण और अपील तंत्र 

  • इसके अंतर्गत दो-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की गई है। 
  • पहले स्तर पर सेवा प्रदाता शिकायतों का समाधान करेगा, जबकि दूसरे स्तर पर उपयोगकर्ता प्राधिकरण के पास अपील कर सकता है। 
  • इसके बाद अंतिम अपील इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव के समक्ष की जा सकती है।    

6. दंड और प्रवर्तन 

  • नियमों के उल्लंघन पर डिजिटल माध्यम से कार्यवाही की जाएगी और मामलों का निपटारा निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाएगा। 
  • दंड तय करते समय उपयोगकर्ता को हुई हानि, उल्लंघन की गंभीरता और उससे प्राप्त लाभ जैसे कारकों पर विचार किया जाएगा।  

नीति के व्यापक लक्ष्य 

  • इस ढाँचे का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को, विशेषकर युवाओं और संवेदनशील वर्गों को, ऑनलाइन मनी गेम्स के दुष्प्रभावों से बचाना है। साथ ही, उद्योग को स्पष्ट दिशा-निर्देश देकर नवाचार को प्रोत्साहित करना और वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखना भी इसके प्रमुख लक्ष्य हैं। 

निष्कर्ष 

  • ऑनलाइन गेमिंग के संवर्धन एवं विनियमन नियम, 2026 भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह न केवल उपयोगकर्ता सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि उद्योग के लिए स्थिर और पारदर्शी वातावरण भी तैयार करते हैं। इस पहल के माध्यम से भारत एक जिम्मेदार और उभरते हुए वैश्विक गेमिंग हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।
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