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फोटॉनिक्स : गुण, अनुप्रयोग एवं स्थिति

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।)

संदर्भ

हाल ही में नीदरलैंड मुख्यालय वाली GX Group कंपनी ने भारत में फोटॉनिक्स (Photonics) मॉड्यूल के विकास और विनिर्माण में 500 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश इन्वेस्ट इंटरनेशनल और SMART Photonics कंपनी के सहयोग से किया जा रहा है।

फोटॉनिक्स से तात्पर्य

  • फोटॉनिक्स वह विज्ञान और तकनीक है जिसमें प्रकाश (Light) या फोटॉन्स (Photons) का उपयोग सूचना, ऊर्जा और सिग्नल के संचार एवं प्रसंस्करण के लिए किया जाता है।
  • यह मूल रूप से ऑप्टिक्स (Optics), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और क्वांटम भौतिकी (Quantum Physics) का संयोजन है।
  • सरल शब्दों में; जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स में इलेक्ट्रॉन्स सूचना का संचार करते हैं, वैसे ही फोटॉनिक्स में प्रकाश के कण (Photons) सूचना के वाहक होते हैं।

गुण (Properties)

  • अत्यधिक गति : प्रकाश की गति से डाटा का संचरण संभव बनाता है।
  • ऊर्जा दक्षता : इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की तुलना में कम ऊर्जा खपत करता है।
  • कम ताप उत्सर्जन : उपकरणों में गर्मी कम उत्पन्न होती है।
  • लंबी दूरी पर दक्ष संचार : सिग्नल की गुणवत्ता बनाए रखते हुए डेटा ट्रांसफर।
  • सटीकता : माप, संचार और सेंसरिंग में अत्यधिक सटीकता प्रदान करता है।

अनुप्रयोग

  • टेलीकॉम नेटवर्क: फाइबर ऑप्टिक केबल्स के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट और डेटा ट्रांसफर।
  • डेटा सेंटर्स: सर्वरों और कंप्यूटर नेटवर्कों के बीच तेज संचार के लिए।
  • चिकित्सा क्षेत्र: लेज़र सर्जरी, डिटेक्शन और बायो-इमेजिंग तकनीक में उपयोग।
  • रक्षा एवं अंतरिक्ष: सेंसर, लेज़र रडार (LIDAR), और उपग्रह संचार प्रणालियों में।
  • ऊर्जा क्षेत्र: सौर पैनलों की दक्षता बढ़ाने में सहायता।
  • औद्योगिक निर्माण: लेज़र कटिंग और 3D प्रिंटिंग में उपयोग।

भारत की स्थिति

  • भारत में फोटॉनिक्स को उभरते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टर के रूप में देखा जा रहा है।
  • राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन और मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत फोटॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • GX Group के 500 करोड़ के निवेश से भारत में फोटॉनिक्स मॉड्यूल विनिर्माण हब बनने की संभावना बढ़ेगी।
  • भारत सरकार ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (BharatNet) और 5G/6G इन्फ्रास्ट्रक्चर में फोटॉनिक्स तकनीक के एकीकरण को प्रोत्साहित कर रही है।
  • IIT मद्रास, IISc बेंगलुरु जैसे संस्थान फोटॉनिक्स अनुसंधान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

निष्कर्ष

फोटॉनिक्स न केवल भविष्य की डिजिटल और संचार क्रांति की नींव है, बल्कि यह भारत के लिए “विजन 2047” के तहत आत्मनिर्भर तकनीकी भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। GX Group का निवेश इस क्षेत्र में रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।

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