New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

व्हाइट गुड्स हेतु PLI योजना

केंद्र सरकार ने व्हाइट गुड्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के लिए आवेदन खिड़की (Application Window) फिर से खोल दी है।

क्या हैं व्हाइट गुड्स

  • व्हाइट गुड्स से तात्पर्य बड़े घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से है जो घर में उपयोग होते हैं, जैसे: एयर कंडीशनर (ACs), रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, LED लाइट्स और अन्य बड़े घरेलू उपकरण। 
  • इनको ‘व्हाइट गुड्स (White Goods)’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि पहले ये उपकरण सफेद रंग में ही बेचे जाते थे।

PLI स्कीम फॉर व्हाइट गुड्स के बारे में

  • लॉन्च : अप्रैल 2021
  • क्रियान्वयन अवधि : 7 वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22 से 2028-29 तक)
  • लक्षित उत्पाद : एयर कंडीशनर और LED लाइट्स के कंपोनेंट्स एवं सब-असेंबली
  • कुल बजट : 6,238 करोड़ निर्धारित

उद्देश्य

  • आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा : AC एवं LED कंपोनेंट्स का भारत में निर्माण
  • आयात पर निर्भरता कम करना : विशेषकर पहले भारत में नहीं निर्मित होने वाले पार्ट्स का
  • रोज़गार सृजन : विनिर्माण क्षेत्र में लाखों नई नौकरियाँ
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा : भारत को व्हाइट गुड्स निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना

विशेषताएँ

  • प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव : उत्पादन के आधार पर सीधे वित्तीय प्रोत्साहन
  • पूरी वैल्यू चेन कवर : छोटे पार्ट्स से लेकर बड़े असेंबली तक
  • नए और मौजूदा दोनों निवेशकों के लिए खुला : भेदभाव रहित नीति
  • मेड इन इंडिया पर जोर : घरेलू उत्पादन क्षमता का विस्तार

उल्लेखनीय परिणाम

  • निवेश: 83 आवेदकों ने 10,406 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है जो योजना की लोकप्रियता एवं विश्वसनीयता को दर्शाता है।
  • विनिर्माण में वृद्धि: भारत में एयर कंडीशनर एवं एल.ई.डी. लाइट्स के प्रमुख घटकों का उत्पादन शुरू हुआ है जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है।
  • रोजगार सृजन: नई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
  • बाजार का विस्तार: इस योजना की सफलता के कारण उद्योग में आत्मविश्वास बढ़ा है जिसके परिणामस्वरूप बाजार की मांग में वृद्धि हुई है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता: भारत में निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता व लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार से निर्यात की संभावनाएँ बढ़ी हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR