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PVTG  जनजातीय समूह सिद्दी जनजातीय समुदाय ने हासिल की 72% साक्षरता दर  और PVTG क्या है ?

  • भारत के राष्ट्रपति ने हाल ही में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के अंतर्गत आने वाले सिद्दी जनजातीय समुदाय की 72% से अधिक साक्षरता दर हासिल करने पर सराहना की है।
  • यह उपलब्धि शिक्षा और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में भारत के हाशिए पर रहे समुदायों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

सिद्दी कौन हैं?

  • सिद्दी भारत में एक इंडो-अफ्रीकी जनजातीय समुदाय है, जो पूर्वी अफ्रीका के बंटू लोगों के वंशज हैं।
  • उनकी विशिष्ट जातीय और सांस्कृतिक पहचान उन्हें भारत की अन्य अनुसूचित जनजातियों से अलग बनाती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सिद्दी समुदाय का भारत आगमन दो प्रमुख चरणों में हुआ—

  1. 7वीं शताब्दी ई. में अरब व्यापारियों के साथ
  2. 16वीं शताब्दी ई. में पुर्तगाली और ब्रिटिश उपनिवेशवादियों द्वारा, मुख्यतः दासों, नौकरों, लोहारों और कारीगरों के रूप में

उनकी अफ्रीकी वंशावली आज भी उनके शारीरिक स्वरूप में दिखाई देती है। फिर भी, सदियों से सिद्दियों ने भारतीय समाज और संस्कृति में समाहित होते हुए अपनी पारंपरिक पहचान को संरक्षित रखा है।

भौगोलिक वितरण

वर्तमान में सिद्दी समुदाय मुख्य रूप से भारत के निम्नलिखित राज्यों में निवास करता है—

  • गुजरात: विशेष रूप से जूनागढ़ और गिर वन क्षेत्र
  • कर्नाटक: मुख्य रूप से उत्तर कन्नड़ जिला
  • महाराष्ट्र
  • तेलंगाना

इनका भौगोलिक फैलाव व्यापक है, किंतु जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है। अधिकांश सिद्दी ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहते हैं।

सामाजिक और कानूनी स्थिति

  • भारत सरकार ने वर्ष 2003 में सिद्दियों को अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) के रूप में मान्यता प्रदान की।
  • उन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की श्रेणी में भी शामिल किया गया है।
  • एक PVTG के रूप में, सिद्दी समुदाय को शिक्षा, आजीविका और सामाजिक विकास योजनाओं में विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

यह साक्षरता उपलब्धि महत्वपूर्ण है क्योंकि PVTG समुदायों को भौगोलिक अलगाव, सीमित शिक्षा पहुँच, और आर्थिक हाशिए पर होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

भाषा, व्यवसाय और जीवनशैली

  • भाषाएँ: कोंकणी, उर्दू और मराठी (क्षेत्र के अनुसार)
  • मुख्य व्यवसाय:
    • कृषि एवं शारीरिक श्रम
    • लघु वन उपज का संग्रहण एवं बिक्री
    • शहरी क्षेत्रों में दैनिक वेतनभोगी कार्य

इसके अतिरिक्त सिद्दी समुदाय पारंपरिक शिल्पकला, नृत्य और सांस्कृतिक प्रदर्शन में भी संलग्न रहता है।

सांस्कृतिक विरासत

सिद्दी समुदाय अपनी संगीत और नृत्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है, जो उनकी बंटू-अफ्रीकी जड़ों की झलक प्रस्तुत करती हैं।
प्रमुख सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ:

  • धमाल नृत्य: ऊर्जावान, लयबद्ध लोक नृत्य जो पुरुषों द्वारा किया जाता है।
  • रसदा नृत्य: सामुदायिक उत्सव का प्रतीक नृत्य रूप।

इन नृत्यों के माध्यम से उनकी अफ्रीकी विरासत और भारतीय संस्कृति का समन्वय देखने को मिलता है।

साक्षरता दर का महत्व

सिद्दी समुदाय द्वारा 72% साक्षरता दर प्राप्त करना एक ऐतिहासिक सामाजिक उपलब्धि है।
यह निम्न संकेत देता है—

  • शिक्षा क्षेत्र में सफल सरकारी और सामाजिक पहलें
  • सिद्दी बच्चों के बीच उच्च विद्यालय नामांकन
  • सामाजिक-आर्थिक उत्थान की दिशा में सकारात्मक प्रगति
  • सरकारी योजनाओं और अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता

इस उपलब्धि से सिद्दी समुदाय के रोज़गार अवसर, सामाजिक भागीदारी और जीवन स्तर में सुधार की संभावना है।

भारत में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG)

  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) भारत में अनुसूचित जनजातियों (ST) की एक उप-श्रेणी हैं। 
  • इन्हें सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक रूप से अत्यधिक वंचित और अलग-थलग माना जाता है। 
  • इन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसी बुनियादी सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण विशेष ध्यान की आवश्यकता होती है।
  • सुरक्षा और संरक्षण की शुरुआत: 1975 में धेबर आयोग की सिफारिशों के आधार पर।
  • प्रारंभिक मान्यता: शुरू में 52 समूह।
  • परिवर्तन: 2006 में “Primitive Tribal Groups (PTG)” शब्द को बदलकर PVTG किया गया।

पहचान के मानदंड

भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, PVTG की पहचान निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर होती है:

  1. पूर्व-कृषि तकनीक: मुख्य रूप से शिकार, संग्रहण, या स्थानांतरित खेती पर निर्भर।
  2. जनसंख्या: स्थिर या घटती जनसंख्या।
  3. साक्षरता: अत्यंत सीमित शिक्षा, अन्य जनजातीय समूहों की तुलना में।
  4. आर्थिक स्थिति: वन संसाधनों पर निर्भर, न्यूनतम आर्थिक विकास।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा योग्य समूहों को नामित किया जाता है। सूची का रखरखाव जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

वितरण और जनसंख्या

  • कुल PVTG: वर्तमान में 75 समूह।
  • राज्य और क्षेत्र: 18 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह)।
  • सबसे बड़ी जनसंख्या: ओडिशा में 13 समूह, 2011 की जनगणना के अनुसार 2.5 लाख से अधिक।
  • अनुपस्थित राज्य: पंजाब और हरियाणा में कोई PVTG नहीं।
  • ST जनसंख्या में योगदान: लगभग 0.6%।
  • भौगोलिक स्थिति: दूरदराज के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र, जिससे पहुंच कठिन।
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