हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा साधना सप्ताह 2026 का शुभारंभ किया गया। यह एक सप्ताह तक चलने वाला सघन अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सिविल सेवकों की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना है। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन मिशन कर्मयोगी के तत्वावधान में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा किया जा रहा है।
साधना सप्ताह 2026 के बारे में
साधना सप्ताह 2026 केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और राज्य सरकारों के अधिकारियों हेतु तैयार किया गया एक राष्ट्रव्यापी क्षमता निर्माण कार्यक्रम है।
यह पहल मिशन कर्मयोगी के उस दूरदर्शी लक्ष्य का हिस्सा है, जो भारतीय सिविल सेवा को भविष्य के लिए तैयार (Future-Ready) और नागरिक-केंद्रित (Citizen-Centric) बनाने पर बल देता है।
प्रमुख उद्देश्य
दक्षता संवर्धन : सिविल सेवकों की कार्यक्षमता, प्रदर्शन के स्तर और प्रशासनिक कुशलता में गुणात्मक सुधार लाना।
दृष्टिकोण का संरेखण : शासन कौशल और प्रशासनिक व्यवहार को विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप ढालना।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ
व्यापक भागीदारी :इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
iGOT कर्मयोगी एकीकरण : प्रशिक्षण और सीखने की प्रक्रिया के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म iGOT (Integrated Government Online Training) का व्यापक उपयोग।
बहु-आयामी पाठ्यक्रम :सीखने के मॉड्यूल में व्यावहारिक (Behavioral), कार्यात्मक (Functional) और क्षेत्र-विशिष्ट (Domain-specific) ज्ञान को सम्मिलित किया गया है।
आधुनिक मॉड्यूल :पाठ्यक्रम में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI), नवीन तकनीक, शासन सुधार और भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) जैसे भविष्योन्मुखी विषयों पर विशेष बल दिया गया है।
महत्व और प्रभाव
बेहतर ढंग से प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की गति में सुधार होगा।
यह अभियान प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा-उन्मुख दृष्टिकोण को बढ़ावा देकर अंतिम मील तक सुशासन पहुँचाने में सहायक होगा।