चर्चा में क्यों ?
हाल ही में भारत सरकार ने समर्थ योजना को 2024-25 से 2025-26 तक अतिरिक्त दो वर्षों के लिए जारी रखने की स्वीकृति दे दी है, जिसके परिणामस्वरूप इसकी अवधि अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।
समर्थ योजना (SAMARTH Scheme) के बारे में
- समर्थ योजना (SAMARTH Scheme), जिसे वस्त्र क्षेत्र में क्षमता निर्माण की योजना (Scheme for Capacity Building in Textiles Sector - SCBTS) के रूप में भी जाना जाता है, भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की एक प्रमुख फ्लैगशिप योजना है।
- इसका मुख्य उद्देश्य कपड़ा उद्योग के पूरे मूल्य श्रृंखला (कताई और बुनाई को छोड़कर) में कौशल विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
समर्थ योजना के मुख्य लक्ष्य
- कौशल विकास: कपड़ा क्षेत्र में कुशल जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण प्रदान करना।
- पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा: हस्तशिल्प, हथकरघा, रेशम उत्पादन (Sericulture) और जूट जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में कारीगरों का कौशल उन्नयन (Upskilling) करना।
- रोजगार सृजन: प्रशिक्षण के बाद कम से कम 70% लाभार्थियों को संगठित क्षेत्र में नौकरी (Placement) प्रदान करना।
- सतत आजीविका: स्वरोजगार और मजदूरी आधारित रोजगार के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- लक्षित लाभार्थी: इस योजना के तहत 10 लाख लोगों (संगठित क्षेत्र में 9 लाख और पारंपरिक क्षेत्र में 1 लाख) को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- महिला सशक्तिकरण: लाभार्थियों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। अब तक प्रशिक्षित उम्मीदवारों में लगभग 88% महिलाएं शामिल हैं।
- तकनीकी निगरानी: पारदर्शिता के लिए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) और प्रशिक्षण केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है।
- बजट आवंटन: योजना के विस्तार चरण (2025-26) के लिए ₹495 करोड़ का अतिरिक्त बजट निर्धारित किया गया है।
योजना की निगरानी और प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस)
- योजना की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए एक केंद्रीकृत वेब-आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) स्थापित की गई है।
- एमआईएस कार्यान्वयन एजेंसियों के पंजीकरण और पैनल में शामिल होने के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करती है। कार्यक्रम प्रबंधन और कार्यान्वयन के सभी पहलू, जैसे-
- प्रस्ताव प्रस्तुत करना,
- निधि जारी करना,
- उम्मीदवारों का नामांकन,
- प्रशिक्षण का संचालन,
- भौतिक सत्यापन,
- मूल्यांकन, नियुक्ति,
- नियुक्ति के बाद की निगरानी आदि, एमआईएस के माध्यम से प्रबंधित किए जाते हैं।
- योजना के अंतर्गत निधि जारी करना केंद्रीकृत वेब-आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) पर अद्यतन की गई भौतिक प्रगति से जुड़ा होता है।