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शी-मार्ट पहल (SHE-MART initiative)

संदर्भ 

  • हाल ही में ओडिशा के भुवनेश्वर में ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय बैठक बुलाई गई। इस विमर्श का मुख्य एजेंडा नवीन शी-मार्ट (SHE-MART) योजना के क्रियान्वयन से जुड़े दिशा-निर्देशों (ऑपरेशनल गाइडलाइंस) को अंतिम रूप देना था।  

शी-मार्ट पहल (SHE-MART initiative) के बारे में 

  • SHE-MART का पूरा नाम सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर्स – मार्केटिंग एवेन्यूज फॉर रूरल ट्रांसफॉर्मेशन है। 
  • यह ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाने के लिए शुरू किया गया एक प्रगतिशील सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रम है, जो महिलाओं के नेतृत्व में व्यापारिक विपणन (मार्केटिंग) और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर केंद्रित है।   
  • पारंपरिक सूक्ष्म-ऋण (माइक्रो-क्रेडिट) व्यवस्था की सीमाओं को लांघते हुए, यह पहल महिलाओं को महज कर्ज पर आश्रित रहने वाली सीमित आय श्रेणी से बाहर निकालती है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओंको व्यावसायिक उद्यमों और संगठित खुदरा व्यापार (रिटेल स्टोर्स) का वास्तविक स्वामी बनाना है।     
  • इस दूरगामी योजना की शुरुआत की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है।   
  • यह पहल ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन है, और इसका जमीनी क्रियान्वयन दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के जरिए किया जा रहा है।   

प्रमुख लक्ष्य (Core Objectives) 

  • इस योजना का केंद्रीय लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र की महिला उत्पादकों के लिए बाजार तक सीधी पहुँच (मार्केट एक्सेस) की समस्या का स्थायी समाधान खोजना है। 
  • यह कार्यक्रम उत्पादन की क्षमता को बढ़ाकर और बिचौलियों के शोषण को समाप्त करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करता है। 
  • इसके तहत मजबूत क्षेत्रीय ब्रांड विकसित किए जाएंगे, जो वर्ष 2029 तक देश में तीन करोड़ नई लखपति दीदी तैयार करने के राष्ट्रीय विज़न को साकार करने में मदद करेंगे।  

योजना की प्रमुख विशेषताएं (Salient Features) 

  • सामुदायिक नियंत्रण वाले रिटेल स्टोर्स : स्थानीय स्वयं सहायता समूह (SHG) महासंघों की देखरेख में महिलाओं द्वारा संचालित खुदरा दुकानें और संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। इससे व्यापार पर सीधे तौर पर स्थानीय समुदाय का मालिकाना हक और नियंत्रण सुनिश्चित होगा। 
  • सशक्त समूहों को प्राथमिकता : जो स्वयं सहायता समूह वित्तीय रूप से परिपक्व हैं और जिनकी वार्षिक आय 1 लाख से अधिक स्थिर हो चुकी है, उन्हें ग्रामीण स्तर पर बड़े बिजनेस मॉडल में बदलने के लिए विशेष रूप से चुना जाएगा। 
  • ओएनडीसी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ाव : महिला उद्यमियों को देशव्यापी ई-कॉमर्स बाजार से जोड़ने के लिए इस व्यवस्था को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से एकीकृत किया जाएगा, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त कमीशन के ऑनलाइन बिक्री कर सकेंगी। 
  • इंडिया पोस्ट की लॉजिस्टिक्स सेवाएं : ग्रामीण अंचलों में तैयार होने वाले उत्पादों को बड़े शहरी बाजारों तक कम लागत में और सुरक्षित पहुँचाने (लास्ट-माइल डिलीवरी) के लिए इंडिया पोस्ट के मजबूत डाक नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।  
  • उत्पादों की विविधता : इस पहल के तहत आर्गेनिक (जैविक) खेती के उत्पाद, पारंपरिक हथकरघा, कलात्मक हस्तशिल्प, रेडी-टू-ईट प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री और हर्बल/स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं के व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।  
  • आधुनिक रिटेल मैनेजमेंट : बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए इन स्टोर्स को डिजिटल इन्वेंट्री (स्टॉक) मैनेजमेंट, कंप्यूटरीकृत बिलिंग प्रणाली, आकर्षक ब्रांडिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी कॉर्पोरेट सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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