New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम बनाम उच्च न्यायालय कॉलेजियम

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन एवं कार्य- सरकार के मंत्रालय व विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका)

संदर्भ

भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India: CJI) न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम न्यायिक नियुक्तियों के लिए उच्च न्यायालय कॉलेजियम को नाम निर्दिष्ट नहीं कर सकता है। यह टिप्पणी कॉलेजियम प्रणाली की कार्यप्रणाली, स्वायत्तता एवं पारदर्शिता पर जारी बहस के बीच आई है।

हालिया घटनाक्रम 

  • CJI के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम उच्च न्यायालयों में पदोन्नति के लिए नामों की सिफारिश कर सकता है किंतु अंतिम विवेकाधिकार संबंधित उच्च न्यायालय कॉलेजियम के पास है।
  • कॉलेजियम के माध्यम से नाम थोपना उच्च न्यायालयों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप होगा।
  • मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संघीय न्यायपालिका में सर्वोच्च न्यायालय और राज्य उच्च न्यायालय एक-दूसरे से न तो श्रेष्ठ हैं और न ही निम्न।

कॉलेजियम प्रणाली की संरचना

  • सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम : मुख्य न्यायाधीश + 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश
  • उच्च न्यायालय कॉलेजियम : उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश + 2 वरिष्ठतम न्यायाधीश
  • कॉलेजियम प्रणाली का संविधान में प्रत्यक्ष रूप से उल्लेख नहीं है बल्कि यह न्यायिक व्याख्या (Judicial Interpretation) द्वारा विकसित हुई है।

कार्य 

  • सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति व स्थानांतरण की अनुशंसा
  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीशों की नियुक्ति व स्थानांतरण पर अनुशंसा
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का चयन– प्रथागत रूप से वरिष्ठतम न्यायाधीश को नियुक्त किया जाता है।

प्रक्रिया 

  • उच्च न्यायालय कॉलेजियम नामों की सिफारिश करते हैं→ सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम उनकी जाँच करता है→ केंद्र सरकार (कानून मंत्रालय एवं राष्ट्रपति के माध्यम से) अंतिम स्वीकृति देती है।
  • केंद्र सरकार नामों को  : 
    • मंजूर कर सकती है, 
    • आपत्ति कर सकती है, 
    • या पुनर्विचार के लिए वापस कर सकती है
  • यदि कॉलेजियम पुनः उसी नाम का सुझाव दे, तो सरकार उन्हें स्वीकारने के लिए बाध्य होती है।

वर्तमान टिप्पणी का महत्त्व 

  • न्यायिक संघवाद को सुदृढ़ता : न्यायाधीशों के चयन में उच्च न्यायालयों की स्वायत्तता होगी।  
  • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक नियुक्तियों के केंद्रीकरण पर रोक लगेगी। 
  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कार्यपालिका और अंतर-न्यायपालिका दोनों के प्रभुत्व से सुरक्षा प्राप्त होगी।

कॉलेजियम प्रणाली से जुड़े मुद्दे

  • प्रक्रिया में अस्पष्टता एवं जवाबदेही की कमी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता है।
  • सरकार ने प्राय: पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए नियुक्तियों में देरी की है।
    • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रकाशित हालिया आंकड़ों के अनुसार 9 नवंबर, 2022 से सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा राज्य उच्च न्यायालयों को की गई 29 सिफारिशें सरकार के पास लंबित हैं।
  • इसे राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) से प्रतिस्थापित करने पर बहस जारी है जिसे वर्ष 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
  • रिक्तियों की अधिक संख्या : 1 अगस्त तक उच्च न्यायालयों में 345 पद रिक्त थे। देश भर के 25 राज्य उच्च न्यायालयों की पीठों में कुल 1,122 न्यायाधीशों की कार्यरत न्यायिक क्षमता में से केवल 777 न्यायाधीश ही हैं।

समाधान 

  • पारदर्शिता, योग्यता एवं न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाली एक संतुलित व्यवस्था की आवश्यकता
  • प्रक्रिया ज्ञापन संशोधन या पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ पुनर्गठित नियुक्ति आयोग जैसे संभावित संस्थागत सुधार
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR