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अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का वैश्विक उदय व जोखिम

(प्रारंभिक परीक्षा: सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 व 3: स्वास्थ्य, शिक्षा व मानव संसाधन; भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग)

संदर्भ

द लैंसेट में प्रकाशित तीन-भागों की एक सीरीज़ के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) कंपनियों ने स्वयं को वैज्ञानिक अनुसंधान, नीति-निर्माण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संवादों में मजबूती से स्थापित कर लिया है और वे प्राय: ‘हितधारकों’ के स्वरुप में होते हैं।

क्या हैं अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (UPFs)

  • UPFs सस्ते खाद्य-व्युत्पन्न सामग्री, एडिटिव्स (योजक) एवं प्रिजर्वेटिव्स (संरक्षक) से बने औद्योगिक फ़ॉर्मूलेशन हैं। इनमें चिप्स, बिस्कुट, कार्बोनेटेड पेय और खाने के लिए तैयार भोजन शामिल हैं जिन्हें प्राय: अत्यधिक स्वादिष्ट होने व लंबी शेल्फ लाइफ के लिए इंजीनियर किया जाता है।
  • UPFs को पारंपरिक आहार को बदलने और लाभ मार्जिन को अधिकतम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो न्यूनतम संसाधित खाद्य पदार्थों से अलग है। ऐसे उत्पाद आक्रामक मार्केटिंग, सुविधा और सामर्थ्य के कारण वैश्विक बाजारों पर हावी हैं, विशेषकर निम्न व मध्यम आय वाले देशों में।

स्वास्थ्य परिणाम

  • वैज्ञानिक सहमति तेजी से UPF के सेवन को पुरानी गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) से जोड़ रही है जिनमें मोटापा और टाइप 2 मधुमेह; उच्च रक्तचाप व हृदय रोग; गुर्दे की पुरानी बीमारी तथा जठरांत्र एवं चयापचय संबंधी विकार शामिल हैं। 
  • UPFs का नियमित सेवन आंत में माइक्रोबायोम असंतुलन का कारण बनता है जिससे सूजन एवं चयापचय संबंधी शिथिलता को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा छिपी हुई चीनी, नमक व वसा की मात्रा प्राय: WHO द्वारा अनुशंसित सीमाओं से अधिक होती है।

भारत की उभरती चुनौती

  • भारत में UPFs तेजी से बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रहे हैं जो विशेषकर शहरी एवं किशोर आबादी के बीच अधिक लोकप्रिय हैं।
  • वर्ष 2011 से 2021 के बीच पैकेटबंद स्नैक की खपत में लगभग 68% की वृद्धि हुई है जो बचपन के मोटापे और कम उम्र में मधुमेह में वृद्धि से संबंधित है।
  • विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि UPF उद्योग तंबाकू-शैली की रणनीति दोहरा रहे हैं जिसमं भ्रामक अध्ययनों को वित्तपोषित करना, खेल आयोजनों को प्रायोजित करना और उत्पादों को ‘स्वस्थ विकल्प’ के रूप में रीब्रांड करना शामिल है।

नीति एवं वैश्विक स्वास्थ्य निहितार्थ

  • कॉर्पोरेट प्रभाव से मुक्त स्वतंत्र अनुसंधान वित्तपोषण
  • UPFs के लिए पैक के सामने चेतावनी लेबल
  • बच्चों के लिए खाद्य विपणन का सख्त विनियमन
  • ताजे खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के लिए राजकोषीय नीतियां (जैसे- कर/सब्सिडी)

निष्कर्ष 

सरकारों को उद्योग की लॉबिंग का विरोध करने और UPFs को दुनिया भर में खाद्य प्रणालियों पर हावी होने से रोकने के लिए लाभ से ऊपर सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

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