अमेरिका द्वारा AI चिप एवं प्रौद्योगिकी निर्यात का विनियमन

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 व 3: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों व राजनीति का प्रभाव; सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स)

संदर्भ 

अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप ‘ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट’ और इसके प्रौद्योगिकी निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। 

ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट के बारे में 

  • ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) विशेष प्रोसेसर होते है जिन्हें विशेष रूप से गेमिंग सॉफ्टवेयर में उपयोग जाता है। यह अमेरिका की एनवीडिया द्वारा निर्मित है।
  • एक साथ विभिन्न डाटा को संसाधित करने की GPU की क्षमता ने इसे AI मॉडल को प्रशिक्षित एवं संचालित करने के लिए मूल्यवान बना दिया है।
    • उदाहरण के लिए, OpenAI के ChatGPT में GPU का उपयोग कर इसे अधिक बेहतर बनाया गया है।

अमेरिका द्वारा विनियमन का कारण 

  • AI तक वैश्विक पहुँच को नियंत्रित करने के उद्देश्य से अमेरिका उन्नत AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले GPU पर प्रतिबंधों का विस्तार कर रहा है।
  • नए नियम में अधिकांश देशों के लिए GPU की सीमाएँ अलग-अलग चिप की कंप्यूट पावर द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
    • टोटल प्रोसेसिंग परफॉरमेंस (Total Processing Performance : TPP) मीट्रिक का उपयोग चिप की कंप्यूटेशनल पॉवर (गणनात्मक शक्ति) के मापन के लिए किया जाता है। 
  • नए विनियमन के तहत कंप्यूट पावर पर कैप वाले देशों को वर्ष 2027 तक कुल 790 मिलियन TPP तक सीमित रखा गया है।

अमेरिका द्वारा विनियमन का प्रभाव 

  • नए नियम अधिकांश देशों को निर्यात की जा सकने वाली AI चिप की संख्या को सीमित करने के साथ ही अमेरिका के निकटतम सहयोगियों को अमेरिकी AI तकनीक तक असीमित पहुँच की अनुमति प्रदान करेंगें। 
    • ये नियम मुख्यत: चीन, रूस, ईरान एवं उत्तर कोरिया को AI चिप निर्यात पर प्रतिबंध जारी रखेंगे।
  • इसका उद्देश्य दुनिया भर में AI चिप के प्रवाह को नियंत्रित करके अमेरिका को AI में अपनी प्रमुख स्थिति बनाए रखने में मदद करना है।
  • अमेरिका द्वारा स्वीकृत सुरक्षा व मानवाधिकार मानकों का पालन करने वाले सहयोगी देशों के लिए अपवाद हैं। 
  • नए नियम विशेषकर चीन एवं रूस को सैन्य या निगरानी उद्देश्यों के लिए उन्नत AI तकनीक का लाभ उठाने से रोकने के लिए बनाए गए हैं।

विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया 

भारत का दृष्टिकोण 

  • वर्तमान में भारत AI एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण पर बल दे रहा है। यह अमेरिका के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी के कारण छूट प्राप्त सकता है। 
  • यह नीति संभावित रूप से भारत जैसे देशों की ओर निवेश एवं संसाधनों को पुनर्निर्देशित कर सकती है जिससे वैश्विक AI एवं तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी स्थिति मजबूत हो सकती है।

यूरोपीय संघ 

  • यूरोपीय संघ (EU) ने आशंका व्यक्त की है कि इन प्रतिबंधों से ट्रांसअटलांटिक तकनीकी सहयोग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। 
  • EU के अनुसार यूरोपीय संघ द्वारा बिना किसी सीमा के उन्नत एआई चिप की खरीद अमेरिका के आर्थिक एवं सुरक्षा हित में है। 

चीन

चीन ने अमेरिकी सरकार के निर्णय की आलोचना करते हुए अमेरिकी सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय  व्यापार एवं नवाचार को बाधित करने का आरोप लगाया है।

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