चर्चा में क्यों ?
भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1st Training Squadron – 1TS) हाल ही में इंडोनेशिया के बेलावन पोर्ट से तीन दिवसीय सफल बंदरगाह प्रवास के बाद रवाना हुआ।
इस यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) के एक प्रमुख सदस्य इंडोनेशिया के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाना और “सागर (SAGAR – Security and Growth for All in the Region)” विज़न को आगे बढ़ाना है।

इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) क्या है ?
इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (Indian Ocean Naval Symposium – IONS) हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय देशों की नौसेनाओं का एक स्वैच्छिक और सहयोगात्मक मंच है। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करना है।
इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) के प्रमुख उद्देश्य
- हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना
- नौसेनाओं के बीच सूचना साझाकरण और विश्वास निर्माण
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) में सहयोग
- समुद्री डकैती, तस्करी, आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटना
- समुद्री कानून, खोज-बचाव और पर्यावरण संरक्षण पर समन्वय
- नौसैनिक अभ्यास और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाना
इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) की स्थापना
- स्थापना वर्ष: 2008
- पहलकर्ता: भारतीय नौसेना
- पहला सम्मेलन: नई दिल्ली
- उद्देश्य: हिंद महासागर को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सहयोगी समुद्री क्षेत्र बनाना।
संगठनात्मक संरचना
IONS की कार्यप्रणाली निम्न आधारों पर संचालित होती है:
- घूर्णनशील अध्यक्षता (Rotational Chairmanship)
- द्विवार्षिक प्रमुखों की बैठक (Conclave of Chiefs)
- कार्य समूह (Working Groups)
- विशेषज्ञ संवाद और संयुक्त अभ्यास
इससे नीति निर्माण और व्यावहारिक सहयोग दोनों को गति मिलती है।
हिंद महासागर के चार उप-क्षेत्र

हिंद महासागर क्षेत्र में कुल 36 तटीय क्षेत्र हैं जिन्हें चार भागों में बांटा गया है:
1. दक्षिण एशियाई तटीय क्षेत्र
- बांग्लादेश
- भारत
- मालदीव
- पाकिस्तान
- सेशेल्स
- श्रीलंका
- यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र)
2. पश्चिम एशियाई तटीय क्षेत्र
- ईरान
- ओमान
- सऊदी अरब
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
3. पूर्वी अफ्रीकी तटीय क्षेत्र
- फ्रांस (रीयूनियन द्वीप)
- केन्या
- मॉरीशस
- मोज़ाम्बिक
- दक्षिण अफ्रीका
- तंजानिया
4. दक्षिण-पूर्व एशियाई व ऑस्ट्रेलियाई तटीय क्षेत्र
- ऑस्ट्रेलिया
- इंडोनेशिया
- मलेशिया
- म्यांमार
- सिंगापुर
- थाईलैंड
- तिमोर-लेस्ते
पर्यवेक्षक देश (Observer Countries)
- चीन
- जर्मनी
- इटली
- जापान
- मेडागास्कर
- नीदरलैंड
- रूस
- स्पेन
ये देश IONS की गतिविधियों को सहयोगात्मक दृष्टि से देखते और भाग लेते हैं।
भारत और IONS का महत्व
भारत IONS का संस्थापक सदस्य और नेतृत्वकर्ता है। IONS भारत की समुद्री रणनीति के तीन प्रमुख स्तंभों को मजबूत करता है:
- SAGAR विज़न
- Indo-Pacific सहयोग
- ब्लू इकॉनॉमी और समुद्री व्यापार सुरक्षा
भारत प्रशिक्षण मिशन, बंदरगाह यात्राएं, संयुक्त अभ्यास और HADR अभियानों के माध्यम से क्षेत्रीय विश्वास को मजबूत करता है।
इंडोनेशिया के साथ हालिया अभ्यास का महत्व
भारतीय नौसेना का 1TS स्क्वाड्रन:
- द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग बढ़ाने
- समुद्री प्रशिक्षण साझा करने
- क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करने
- युवा कैडेट्स को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के उद्देश्य से इंडोनेशिया पहुँचा।
यह IONS की मूल भावना — सहयोग, विश्वास और सामूहिक सुरक्षा — को मजबूत करता है।