New
Civil Services Day Offer - Valid Till : 28th April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM Civil Services Day Offer - Valid Till : 28th April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM

विश्व आर्थिक संभावना रिपोर्ट, 2025

(प्रारंभिक परीक्षा : आर्थिक और सामाजिक विकास)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ 

हाल ही में, विश्व बैंक समूह ने विश्व आर्थिक संभावना (Global Economic Prospects) रिपोर्ट, 2025 जारी की है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

वृद्धि दर का अनुमान  

  • वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान : वर्ष 2025 के लिए 2.8% और वर्ष 2026 के लिए 2.9%
  • भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान : वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 दोनों में 6.7% की स्थिर दर का अनुमान
    • यह प्रदर्शन भारत के लचीलेपन और दुनिया के आर्थिक प्रक्षेपवक्र को आकार देने में इसके बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।

क्षेत्र आधारित अनुमान  

  • भारत के सेवा क्षेत्र में वृद्धि मज़बूत रहने और विनिर्माण गतिविधियों में सुधार का अनुमान 
    • इसका प्रमुख कारण लॉजिस्टिक्स अवसंरचना एवं कर प्रणालियों में सुधार के सरकारी प्रयास है।
  • मजबूत श्रम बाजार, ऋण तक बढ़ती पहुंच एवं निम्न मुद्रास्फीति के कारण भारत में निजी उपभोग में तेजी की संभावना 
  • पूर्वी एशिया एवं दक्षिण एशिया में निवेश वृद्धि विशेष रूप से मजबूत
    • यह आंशिक रूप से नई आपूर्ति श्रृंखलाओं में घरेलू एवं विदेशी निवेश से प्रेरित है, विशेष रूप से भारत, इंडोनेशिया व वियतनाम में।
  • भारत में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में कम रहने का अनुमान 
    • यह केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति सीमा (2-6%) के भीतर रहेगी।
    • मौसम की प्रतिकूल स्थिति से वर्ष 2024 में सब्जियों, अनाज एवं अन्य प्रमुख वस्तुओं की उच्च कीमतों के परिणामस्वरूप देश की कोर मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई।
  • भारत की निवेश वृद्धि दर स्थिर रहने की उम्मीद 
    • इसको बढ़ते निजी निवेश, बेहतर कॉर्पोरेट बैलेंस शीट एवं अनुकूल वित्तपोषण स्थितियों से समर्थन मिलेगा।
  • वर्ष 2000 के बाद से उभरते बाजार एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDE) में महत्वपूर्ण परिवर्तन
    • वर्तमान में EMDE अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 45% का योगदान दे रही हैं जो 21वीं सदी के प्रारंभ में 25% था।
  • तीन सबसे बड़े EMDE ‘भारत’, ‘चीन’ एवं ‘ब्राजील’ ने 21वीं सदी की शुरुआत से अब तक वैश्विक विकास में सामूहिक रूप से लगभग 60% का योगदान दिया है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR