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एन.टी.पी.सी.की नई हरित पहल

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ; मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र : 3, विषय - संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रम एन.टी.पी.सी. लिमिटेड ने जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल को-ओपरेशन (JBIC) के ग्लोबल एक्शन फोर रिसाइक्लिंग इकोनॉमिक ग्रोथ एंड एन्वॉयरनमेंट प्रोटेक्शन (GREEN) पहल के तहत जे.बी.आई.सी. के साथ विदेशी मुद्रा ऋण समझौता किया है।

मुख्य बिंदु

  • समझौते के तहत भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कम्पनी एन.टी.पी.सी. को 50 अरब जापानी येन (लगभग 48.2 करोड़ डॉलर या 3,582 करोड़ रुपए) का ऋण प्रदान किया जाएगा।
  • समझौते के प्रावधानों के तहत जे.बी.आई.सी. सुविधा राशि का 60% हिस्सा प्रदान करेगा और बाकी हिस्सा जापान के अन्य वाणिज्यिक बैंक (जैसे सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन, बैंक ऑफ़ योकोहामा लिमिटेड, द सैन-इन गोडो बैंक लिमिटेड, द जोयो बैंक लिमिटेड और द नांटो बैंक लिमिटेड) उपलब्ध कराएंगे।
  • ये बैंक यह राशि जे.बी.आई.सी. की गारंटी के तहत प्रदान करेंगे।
  • एन.टी.पी.सी. लिमिटेड इस ऋण आय का उपयोग अपने फ़्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन (Flue Gas Desulphurization - FGD)  और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में आने वाले पूँजीगत व्यय के वित्तपोषण के लिये करेगा।
  • एन.टी.पी.सी. लिमिटेड विद्युत मंत्रालय के अधीनस्थ एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।

फ़्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन

  • फ़्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन (FGD) जीवाश्म-ईंधन आधारित ऊर्जा संयंत्रों से निकलने वाली फ़्लू गैसों (दहन के फलस्वरूप चिमनी से निकलने वाली गैसों का मिश्रण) से साथ ही अन्य दहन आदि प्रक्रियाओं से उत्सर्जित सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) को पृथक करने की एक विशेष तकनीक है। अतः यह पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
  • इस तकनीक में जीवाश्म-ईंधनों पर आधारित ऊर्जा संयंत्रों से निकलने वाली फ़्लू गैस में उपस्थित SO2 को एक प्रकार की अवशोषण प्रक्रिया (Absorption Process) के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। FGD प्रणाली में आर्द्र स्क्रबिंग (Wet Scrubbing) या ड्राई स्क्रबिंग (Dry Scrubbing ) प्रक्रियाएँ भी शामिल होती हैं।
  • आर्द्र FGD प्रक्रिया में फ़्लू गैसों को एक अवशोषक के सम्पर्क में लाया जाता है, जो एक तरल या ठोस सामग्री का घोल होता है। सामान्य अभिक्रिया स्वरुप SO2 इस अवशोषक में घुल जाती है और अलग कर ली जाती है।
  • ड्राई FGD प्रणाली में अवशोषक के रूप में चूना पत्थर या लाइमस्टोन का प्रयोग किया जाता है।

प्री फैक्ट्स

  • आर्द्र FGD प्रणाली के द्वारा प्रदूषण कम करने के अलावा उत्पाद के रूप में जिप्सम भी प्राप्त होता है, जो लगभग 90% शुद्ध होता है। आर्द्र FGD प्रक्रिया में प्राप्त सल्फ़र डाई ऑक्साइड (SO2)  के कैल्शियम से अभिक्रिया के बाद जिप्सम (CaSo4 . 2H2O) का निर्माण होता है।

जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल को-ऑपरेशन

  • जापान बैंक फ़ॉर इंटरनेशनल को-ऑपरेशन, जापान का एक प्रमुख सार्वजनिक वित्तीय संस्थान है, जो मुख्यतः एक निर्यात ऋण एजेंसी के रूप में कार्य करता है। जिसकी स्थापना 1 अक्तूबर 1999 को जापान के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (JEXIM) और ओवरसीज़ इकॉनोमिक को-ऑपरेशन फंड (OECF) के विलय के द्वारा की गई थी। इसका मुख्यालय टोक्यो में है।

निर्यात ऋण एजेंसियाँ

  • निर्यात ऋण एजेंसियाँ या निवेश बीमा एजेंसियाँ मुख्यतः निजी या अर्ध सरकारी संस्थाएँ होती हैं, जो सरकारों और निर्यातकों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करती हैं। ये एजेंसियाँ निर्यात बीमा क्षेत्र से जुड़े समाधान जारी करती हैं और वित्तपोषण के लिये गारंटी देती हैं।
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