15-Sep-2021
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सूचना दी है कि भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा एक ‘बेहतर जल प्रबंधन प्रणाली’ विकसित की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से कपड़ा कारखानों से निकलने वाले ‘औद्योगिक डाई अपशिष्ट जल’ की विषाक्तता को समाप्त कर, उसे पुनः घरेलू एवं औद्योगिक उपयोग के लिये उपयुक्त बनाया जा सकता है।
15-Sep-2021
हाल ही में, राजस्थान में डायनासोर के पैरों के निशान के प्रमाण मिले हैं। राजस्थान के जैसलमेर ज़िले के थार रेगिस्तान में डायनासोर की तीन प्रजातियों के पैरों के निशान पाए गए हैं। इससे राज्य के पश्चिमी भाग में विशाल सरीसृपों की उपस्थिति के प्रमाण मिलते हैं।
14-Sep-2021
12 सितंबर को सारागढ़ी की लड़ाई की 124वीं वर्षगांठ थी। इस लड़ाई ने देश और विदेश की कई सेनाओं, पुस्तकों व फिल्मों को अत्यधिक प्रेरित किया है।सारागढ़ी की लड़ाई को दुनिया के सैन्य इतिहास में सबसे बेहतरीन अंतिम प्रतिकार में से एक माना जाता है।
14-Sep-2021
हाल ही में, तमिलनाडु के ‘थूथुकुडी ज़िले के शिवकलाई’ में पुरातत्त्व खुदाई के दौरान मिले एक ‘कलश से प्राप्त चावल और मिट्टी’ के अध्ययन से पता चला कि ‘थामीराबरानी नदी के तट पर 3200 साल’ पहले एक सभ्यता का विकास हुआ था।
13-Sep-2021
हालिया उपग्रह छवियों से (Satellite Images) से पता चला है कि चीन गांसु प्रांत के युमेन में, झिंजियांग प्रांत में हामी के पास और इनर मंगोलिया प्रांत के ऑर्डोस सिटी के हैंगगिन बैनर में कम से कम तीन मिसाइल साइलो फील्ड (भण्डार क्षेत्र) का निर्माण कर रहा है।
13-Sep-2021
हाल ही में, एशिया में मानसून को प्रभावित करने वाले कारकों में तिब्बत के पठार की भूमिका का अध्ययन किया गया। तिब्बत का पठार विश्व का सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा पठार है। इसे पृथ्वी का ‘तीसरा ध्रुव’ भी कहते हैं। यह पृथ्वी की जलवायु और जल चक्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
13-Sep-2021
वैश्विक दृष्टिकोण से देखा जाए तो वन काफी मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और इसलिये ये पर्यावरण की सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं दूसरी ओर वैश्विक कार्बन चक्र में भी सड़े-गले या मृत पेड़ योगदान देते हैं, हालाँकि, कार्बन चक्र में इनकी भूमिका के बारे में अधिक जानकारी का आभाव है।
11-Sep-2021
हाल ही में, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गुवाहाटी के दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर स्थित ‘दीपोर बील’ वन्यजीव अभयारण्य को ‘पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र’ (eco-sensitive zone) के रुप में अधिसूचित किया गया है।
11-Sep-2021
हाल ही में, विश्व वन्यजीव कोष (WWF) ने प्लास्टिक उत्पादन की सामाजिक लागत से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की है। वर्ष 2019 में उत्पादित किये गए प्लास्टिक की सामाजिक और पर्यावरणीय लागत लगभग 271 लाख करोड़ रुपए (3.7 लाख करोड़ डॉलर) अनुमानित की गई है। यह लागत भारत की जी.डी.पी. से भी अधिक है।
11-Sep-2021
‘संयुक्त राष्ट्र महासचिव’ द्वारा इस माह ‘खाद्य प्रणाली शिखर सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य वर्ष 2030 तक ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (Sustainable Development Goals - S.D.G.) को प्राप्त करने के लिये ‘वैश्विक खाद्य प्रणालियों’ में बदलाव लाना है।
Our support team will be happy to assist you!