नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष- न्यायमूर्ति सूर्यकांत

चर्चा में क्यों?

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।
  • न्यायमूर्ति सूर्यकांत वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष हैं।

 प्रमुख बिंदु:

  • नियुक्ति की तिथि: 14 मई 2025 से प्रभावी
  • नियुक्तिकर्ता: भारत के राष्ट्रपति
  • पूर्ववर्ती अध्यक्ष: न्यायमूर्ति बी.आर. गवई
  • कानूनी प्रावधान: विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 3(2)(b) के तहत

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) -  

  • NALSA भारत में न्याय तक समान और सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने वाला एक वैधानिक निकाय है। 
  • स्थापना:
    • वर्ष: 5 दिसंबर 1995
    • अधिनियम: विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987)
  • उद्देश्य:
    • नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना उन लोगों को जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछड़े हैं।
    • लोक अदालतों का आयोजन करना ताकि सुलह के माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
    • कानूनी साक्षरता और जागरूकता बढ़ाना।
    • बंदी प्रत्यक्षीकरण, मानवाधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में सहायता प्रदान करना।
    • पीड़ितों के पुनर्वास और न्याय तक पहुंच में मदद करना।

संरचना

स्तर

संस्था

प्रमुख अधिकारी

राष्ट्रीय

NALSA

भारत के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में से एक कार्यकारी अध्यक्ष होते हैं

राज्य

SALSA (State Legal Services Authority)

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रमुख होते हैं

जिला

DLSA (District Legal Services Authority)

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष होते हैं

तालुका

TLSC (Taluka Legal Services Committee)

वरिष्ठ सिविल जज अध्यक्ष होते हैं

न्याय तक पहुंच का संवैधानिक आधार:

  • अनुच्छेद 39A (Directive Principles of State Policy)-  आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित करता है।
  • यह अनुच्छेद 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।

प्रश्न: हाल ही में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया?

(a) न्यायमूर्ति सूर्यकांत

(b) न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा

(c) न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद 

(d) न्यायमूर्ति अमित बंसल

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