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एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू)

चर्चा में क्यों? 

वरिष्ठ भारतीय डाक सेवा (आईपीओएस) अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) के महासचिव के रूप में लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुना गया है। वे 2027–2030 के दूसरे चार-वर्षीय कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से इस पद पर पुनर्निर्वाचित हुए हैं। 

एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) के बारे में  

  • एशियाई-प्रशांत डाक संघ एक अंतर-सरकारी संगठन (इंटरगवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन) है, जिसमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 32 सदस्य देश शामिल हैं।
  • यह विश्व डाक संघ (यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन–यूपीयू) के संविधान के अनुच्छेद 8 के तहत एक क्षेत्रीय/सीमित संघ (रिस्ट्रिक्टेड यूनियन) के रूप में कार्य करता है। यूपीयू स्वयं संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी (स्पेशलाइज्ड एजेंसी) है।
  • एपीपीयू का मुख्यालय बैंकॉक, थाईलैंड में स्थित है। वर्ष 2002 में इसका मुख्यालय मनीला से बैंकॉक स्थानांतरित किया गया था। 
  • एपीपीयू की शुरुआत 1 अप्रैल 1962 को एशियन-ओशियनिक पोस्टल यूनियन (एओपीयू) के रूप में हुई थी। इसकी नींव 1961 में मनीला में आयोजित गोलमेज बैठक के बाद पड़ी। बाद में 27 मार्च 1981 को योग्याकार्ता में एशियाई-प्रशांत डाक सम्मेलन (एशियन-पैसिफिक पोस्टल कन्वेंशन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता 1 जुलाई 1982 को लागू हुआ और इसी के माध्यम से संगठन ने अपने वर्तमान स्वरूप यानी एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) का रूप लिया।

प्रमुख उद्देश्य

  • एपीपीयू सदस्य देशों के बीच डाक संबंधों का विस्तार, सुविधा और सुधार करता है। 
  • सीमा-पार लॉजिस्टिक्स एवं डाक सेवाओं से संबंधित नियामकीय मानकों में समन्वय करता है।
  • सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • डाक नेटवर्क के आधुनिकीकरण में सहायता करता है।
  • एशिया-प्रशांत क्षेत्र की डाक प्रणालियों को वैश्विक डाक व्यवस्था के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने का प्रयास करता है। 

एपीपीयू के प्रमुख कार्य

  • एपीपीयू सदस्य देशों की डाक सेवाओं से संबंधित नियमों, शुल्क संरचनाओं और सीमा शुल्क पारगमन मानकों में समन्वय स्थापित करता है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय डाक प्रणालियों को व्यापक विश्व डाक संघ (यूपीयू) के वैश्विक ढाँचे के अनुरूप बनाना है।
  • एपीपीयू, विश्व डाक संघ द्वारा शुरू की गई तकनीकी और परिचालन परियोजनाओं के लिए क्षेत्रीय क्रियान्वयन केंद्र के रूप में कार्य करता है। 
  • इसके माध्यम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के डाक नेटवर्क को वैश्विक डाक व्यवस्था में सुचारु रूप से एकीकृत करने में सहायता मिलती है।
  • एपीपीयू बैंकॉक स्थित एशियन-पैसिफिक पोस्टल कॉलेज (एपीपीसी) का प्रशासन करता है। यह क्षेत्र की प्रमुख अंतर-सरकारी डाक प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक है, जहाँ डाक विभाग के कर्मचारियों को नेतृत्व, प्रबंधन और तकनीकी कौशल से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • ई-कॉमर्स के तेजी से विस्तार को देखते हुए एपीपीयू डाक एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अंतर्गत - 
    • एक्सप्रेस पार्सल सेवाओं का आधुनिकीकरण,
    • टर्मिनल ड्यूज़ (टर्मिनल शुल्क) व्यवस्था में सुधार,
    • आपूर्ति शृंखला लॉजिस्टिक्स,
    • सीमा-पार डिजिटल ट्रैकिंग प्रणालियों का विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है। 
  • एपीपीयू सदस्य देशों के डाक नेटवर्क के माध्यम से धन अंतरण (रेमिटेंस), डाक बैंकिंग और आधुनिक फिनटेक सेवाओं के लिए क्षेत्रीय ढाँचे विकसित करने में सहयोग करता है। इससे दूरदराज और न्यूनतम सेवा प्राप्त आबादी तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच बढ़ाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। 
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