संदर्भ
हाल ही में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) का अवधि विस्तार 01.07.2026 से 30.06.2027 तक बढ़ाने को स्वीकृति दी गई है।
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) के बारे में
- अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के लिए शुरू की गई एक अस्थायी बेरोजगारी सहायता योजना है।
- इसका उद्देश्य ऐसे बीमित कर्मचारियों को आर्थिक संबल प्रदान करना है, जिनकी नौकरी किसी कारणवश समाप्त हो गई हो और जो नई नौकरी की तलाश कर रहे हों।
- इस योजना की शुरुआत 1 जुलाई, 2018 को की गई थी तथा इसका संचालन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा किया जाता है।
योजना के प्रमुख लाभ:
- नौकरी छूटने की स्थिति में बीमित कर्मचारी को सीमित अवधि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- सहायता राशि पिछली चार अंशदान अवधियों की औसत दैनिक आय के 50 प्रतिशत के बराबर होती है।
- औसत दैनिक आय की गणना चार अंशदान अवधियों की कुल आय को 730 से विभाजित करके की जाती है।
- यह आर्थिक सहायता अधिकतम 90 दिनों तक उपलब्ध होती है।
- किसी बीमित व्यक्ति को इस योजना का लाभ अपने पूरे जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाता है।
पात्रता की शर्तें:
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तों का पालन आवश्यक है-
- आवेदक कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 की धारा 2(9) के अंतर्गत बीमित कर्मचारी होना चाहिए।
- राहत राशि का दावा करते समय संबंधित व्यक्ति बेरोजगार होना चाहिए।
- उसने कम-से-कम दो वर्षों तक बीमायोग्य रोजगार में कार्य किया हो।
- पिछली चारों अंशदान अवधियों में प्रत्येक अवधि के दौरान कम-से-कम 78 दिनों का अंशदान दर्ज होना चाहिए।
- कर्मचारी के संबंध में नियोक्ता द्वारा अंशदान जमा किया गया हो अथवा वह देय हो।
- लाभार्थी का आधार नंबर और बैंक खाता आपस में लिंक होना चाहिए।
किन परिस्थितियों में लाभ नहीं मिलेगा?
निम्नलिखित स्थितियों में इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की जाती -
- लॉकआउट की अवधि के दौरान।
- ऐसी हड़ताल की स्थिति में जिसे सक्षम प्राधिकारी ने अवैध घोषित किया हो।
- कर्मचारी द्वारा स्वयं नौकरी छोड़ने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेने पर।
- यदि कर्मचारी ने दो वर्ष की न्यूनतम अंशदायी सेवा पूरी न की हो।
- अधिवार्षिकी (Superannuation) की आयु प्राप्त होने पर।
- यदि कर्मचारी को ईएसआई अधिनियम की धारा 84 तथा ईएसआई (केंद्रीय) नियम, 1950 के नियम 62 के तहत झूठा विवरण देने का दोषी पाया गया हो।
- सहायता अवधि के दौरान किसी अन्य संस्थान में पुनः रोजगार मिलने पर।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई के परिणामस्वरूप सेवा से बर्खास्तगी या सेवा समाप्त होने पर।
- बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में।
दावा करने की समय-सीमा:
योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने के लिए बेरोजगार होने के बाद किसी भी समय आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, दावा बेरोजगारी की तिथि से एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य है।