New
Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

अटल न्यू इंडिया चैलेंज 2.0

(मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 : सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन)

संदर्भ

हाल ही में, अटल इनोवेशन मिशन ने ‘अटल न्यू इंडिया चैलेंज (ANIC) के दूसरे संस्करण के प्रथम चरण को शुरू किया है। नवोन्मेषों एवं प्रौद्योगिकियों को लोगों के लिये प्रासंगिक बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के प्रथम संस्करण को वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। 

प्रमुख बिंदु 

  • यह अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत नीति आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है। 
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों की खोज, चयन, समर्थन एवं पोषण करना है जो राष्ट्रीय महत्त्व और सामाजिक प्रासंगिकता की क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान करते हैं।
  • यह कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और स्वच्छता, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आवास, ऊर्जा, गतिशीलता, अंतरिक्ष अनुप्रयोग आदि क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देता है।
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत 7 क्षेत्रों की 18 चुनौतियों पर कार्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    कार्यक्रम के प्रमुख क्षेत्र 

    सेक्टर 1: ई-मोबिलिटी

    • चुनौती 1: इलेक्ट्रिक वाहन - स्वदेशी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में नवाचार। 
    • चुनौती 2 : ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर – ई.वी. बैटरी की आसान और तेज चार्जिंग के लिये नवाचार। 

    सेक्टर 2 : सड़क परिवहन 

    • चुनौती 1: सुरक्षित परिवहन - सवार/चालक सुरक्षा में सुधार के लिये नवाचार। 
    • चुनौती 2: स्मार्ट मोबिलिटी - इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने के लिये स्मार्ट समाधान। 
    • चुनौती 3: सतत गतिशीलता - गतिशीलता में सतत नवाचार। 

    सेक्टर 3 : अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी 

    • चुनौती 1: जी.आई.एस. समाधान - कृषि, जल, वानिकी, शहरी मामले, सड़क परिवहन आदि क्षेत्रों में जीआईएस समाधान।
    • चुनौती 2: प्रणोदन - हरित प्रणोदक एवं विद्युत प्रणोदन में नवाचार।
    • चुनौती 3: नेविगेशन - IoT अनुप्रयोगों में नाविक (NavIC) आधारित नेविगेशन समाधान। 
    • चुनौती 4: एआई/एमएल मॉडलिंग - अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिये एआई/एमएल मॉडल। 

    सेक्टर 4 : स्वच्छता प्रौद्योगिकी 

    • चुनौती 1: मानव हस्तक्षेप को रोकना - सेप्टिक टैंक, जल निकासी और मैन होल की सफाई को यंत्रीकृत करने के लिये नवाचार।
    • चुनौती 2: सीवेज सफाई में लगे मनुष्यों की रक्षा करना - सीवेज सफाई में लगे मनुष्यों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षात्मक गियर, उपकरण और अन्य समाधान।

    सेक्टर 5: चिकित्सा उपकरण 

    • चुनौती 1: पोर्टेबल पॉइंट-ऑफ-केयर (पीओसी) डायग्नोस्टिक या मॉनिटरिंग डिवाइस।
    • चुनौती 2: कम लागत वाली उपभोग्य वस्तुएं और प्रत्यारोपण।
    • चुनौती 3: उन्नत सर्जिकल और गैर-सर्जिकल उपकरण।
    • चुनौती 4: उन्नत सहायक और पुनर्वास उपकरण।

    सेक्टर 6 : अपशिष्ट प्रबंधन

    • चुनौती 1: नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन। 
    • चुनौती 2: ई-कचरा प्रबंधन। 

    सेक्टर 7 : कृषि

    • चुनौती 1: जलवायु स्मार्ट कृषि।
    « »
    • SUN
    • MON
    • TUE
    • WED
    • THU
    • FRI
    • SAT
    Have any Query?

    Our support team will be happy to assist you!

    OR