संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना (PM-Vidyalaxmi Scheme) की उपलब्धियों के विषय में जानकारी दी।
पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के बारे में
- 6 नवंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी (PM-Vidyalaxmi) नामक केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) को मंजूरी दी गई।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विद्यार्थी को वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर से वंचित न होना पड़े।
- इस योजना के अंतर्गत, जिन विद्यार्थियों को शीर्ष गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षा संस्थानों (क्यूएचईआई) में योग्यता के आधार पर प्रवेश मिलता है और जो शिक्षा ऋण लेना चाहते हैं उन सभी विद्यार्थियों को बिना किसी जमानत और बिना किसी गारंटर के शिक्षा ऋण प्रदान किया जाता है।
उद्देश्य:
इसका उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक कठिनाइयाँ भारत के किसी भी युवा को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न करें।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ:
- मिशन मोड तंत्र (Mission Mode Mechanism) के माध्यम से देश के शीर्ष गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों (Quality Higher Educational Institutions - QHEIs) में प्रवेश पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रतिवर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने का लक्ष्य है।
- योजना के अंतर्गत विशेष शिक्षा ऋण उत्पाद (Special Loan Product) उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके तहत बिना संपार्श्विक (Collateral-free) और बिना गारंटर (Guarantor-free) शिक्षा ऋण मिलेगा।
- ऋण आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, छात्र-अनुकूल तथा पूर्णतः डिजिटल होगी।
- ₹7.5 लाख तक के शिक्षा ऋण पर भारत सरकार 75% क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी, जिससे बैंकों को अधिक विद्यार्थियों तक ऋण सुविधा पहुँचाने में सहायता मिलेगी।
- जिन विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख तक है, उन्हें ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर 3% ब्याज अनुदान (Interest Subvention) प्रदान किया जाएगा।
- यह सुविधा ₹4.5 लाख तक वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को पहले से उपलब्ध पूर्ण ब्याज अनुदान (Full Interest Subvention) के अतिरिक्त होगी।
- यह योजना सभी अनुसूचित बैंकों (Scheduled Banks), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks - RRBs) तथा सहकारी बैंकों (Cooperative Banks) पर लागू होगी।
- 2024-25 से 2030-31 की अवधि के दौरान 7 लाख तक नए छात्रों को 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ देने के लिए 3,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के बारे में
- सरकार द्वारा एक समर्पित ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल https://pmvidyalaxmi.co.in शुरू किया गया है, जो 25 फरवरी 2025 से क्रियाशील है।
- इस पोर्टल पर विद्यार्थी एक आसान आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षा ऋण एवं ब्याज सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसे सभी बैंक उपयोग कर सकते हैं।
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आधार आधारित दोहराव (डी-डुप्लीकेशन):
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल पात्र विद्यार्थी ही ब्याज सब्सिडी का लाभ प्राप्त करें, आधार आधारित दोहराव (डी-डुप्लीकेशन) किया जाता है।
- एक बार जब ब्याज सब्सिडी के लिए आवेदन मंजूर हो जाता है, तो विद्यार्थी को पंजीकृत मोबाइल पर पीएम-विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपया ऐप इंस्टॉल करने के लिए एक एसएमएस संदेश मिलता है।
- बैंकों से दावा प्राप्त होने पर, ब्याज सब्सिडी की राशि सरकार द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी के डिजिटल वॉलेट में जमा कर दी जाती है। जब विद्यार्थी रिडेम्प्शन का विकल्प चुनता है, तो ब्याज सब्सिडी की राशि सीधे उसके शिक्षा ऋण खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से जमा हो जाती है।
शैक्षणिक प्रदर्शन:
योजना के अंतर्गत दूसरे वर्ष से ब्याज सब्सिडी जारी होना विद्यार्थियों के संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन पर निर्भर करता है। पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर पंजीकृत/ऑनबोर्ड किए गए किए गए क्यूएचईआई के लिए पोर्टल पर विद्यार्थियों का सेमेस्टर-वार प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध है ताकि उनके प्रदर्शन की निगरानी की जा सके।