हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा शुरू किया गया 'बायो-निवेश' प्लेटफॉर्म, जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) स्टार्टअप्स को निवेशकों से जोड़ने और स्केल-अप के लिए निजी पूंजी जुटाने की एक अभिनव पहल है।
बायो-निवेश प्लेटफॉर्म के बारे में
यह एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य जैव-प्रौद्योगिकी नवोन्मेषकों और निवेश समुदाय के बीच जुड़ाव को मजबूत करना है, ताकि होनहार जैव-प्रौद्योगिकी नवोन्मेषकों को बड़े पैमाने पर ले जाने और व्यवसायीकरण के लिए निजी पूंजी के प्रवाह को तेज किया जा सके।
इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारत तकनीक संचालित विकास के अगले चरण से पैदा होने वाले मौकों का फायदा उठाने के लिए तैयार रहे।
बायो-निवेश को एक आवर्ती प्लेटफ़ॉर्म के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें विभिन्न शहरों में आगामी संस्करण प्रस्तावित हैं ताकि सहभागिता को बढ़ाया जा सके, क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी नवाचार इकोसिस्टम को निवेश नेटवर्क से जोड़ा जा सके और नवोन्मेषकों और निवेशकों के बीच सतत सहभागिता बनाई जा सके।
मुख्य विशेषताएं:
दो-तरफ़ा जुड़ाव: यह नवप्रवर्तकों को निवेशकों के दृष्टिकोण से रूबरू कराता है, जबकि निवेशकों को जैव प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक और विनियामक (रेगुलेटरी) पहलुओं की गहरी समझ देता है।
पहला संस्करण: इसके उद्घाटन सत्र में 20 उच्च-संभावित बायोटेक और डीप-टेक स्टार्टअप्स ने लगभग 50 निवेशकों के साथ सीधे संवाद किया।
विस्तार योजना:इसे एक आवर्ती (रीकरिंग) प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जिसके आगामी संस्करण क्षेत्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
महत्व:
यह प्लेटफॉर्म शोध और उद्यमिता से जुड़े नवीन विचारों को उद्योग, बाजार और बड़े पैमाने पर विस्तार देने के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा।
वस्तुतः सार्वजनिक वित्तपोषण हर संभावनाशील नवाचार को बाज़ार और पैमाने तक नहीं पहुँचा सकता, और सरकारी समर्थन का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के जोखिम को कम करके, तकनीकी क्षमता को दिखाकर और नवाचारों को निजी पूंजी के लिए निवेश योग्य बनाकर उत्प्रेरक की भूमिका निभाने की होनी चाहिए।