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बायोमास उपग्रह मिशन

(प्रारंभिक परीक्षा : अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन)

संदर्भ 

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) द्वारा अप्रैल 2025 में वेगा सी रॉकेट (Vega C Rocket) के माध्यम से बायोमास उपग्रह मिशन का प्रक्षेपण करेगा। इस मिशन का उद्देश्य विश्व के वनों का मानचित्रण करना है।

बायोमास उपग्रह मिशन के बारे में

  • क्या है : यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का ‘जलवायु एवं पृथ्वी प्रणाली कार्यक्रम’ के अंतर्गत सातवाँ ‘पृथ्वी अन्वेषण उपग्रह मिशन’
  • कार्य : वनों के स्वास्थ्य एवं कार्बन चक्र में वनों की भूमिका का आकलन करने के लिए वैश्विक वनों का मानचित्रण करने के साथ-साथ कार्बन स्तर का मापन करना
  • मिशन का नेतृत्व : पूरे यूरोप के शोधकर्ताओं के सहयोग से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा 
  • प्रक्षेपण : यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट ‘वेगा सी’ का उपयोग करके फ्रेंच गुयाना से 

बायोमास उपग्रह मिशन का उद्देश्य

  • रडार का उपयोग करके अंतरिक्ष से वन आधारित बायोमास एवं कार्बन सामग्री की मात्रा का निर्धारण करना
  • वन संरचनाओं का सटीक 3D मॉडल तैयार करना और समय के साथ बायोमास में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी करना

बायोमास मिशन की मुख्य विशेषताएँ

  • पी-बैंड SAR प्रौद्योगिकी : गहन वनों के मानचित्रण के लिए 70 सेमी. तरंगदैर्ध्य के साथ पी-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) का उपयोग करने वाला पहला उपग्रह
  • रडार एंटीना : एक विशाल एंटीना वन की कैनोपी (वितान) एवं भूमि पर स्थित बायोमास संरचनाओं की स्कैनिंग करने के लिए
  • कार्बन प्रवाह निगरानी : कार्बन अवशोषण एवं उत्सर्जन की निगरानी करने के लिए तथा जलवायु फीडबैक लूप की समझ में सुधार के लिए
  • वैश्विक कवरेज : उष्णकटिबंधीय एवं बोरियल वनों को कवर करने के साथ-साथ हिम टोपी (Ice Sheet) की गतिविधि और भूभाग मॉडल की निगरानी करना 
    • बोरियल वन का नाम नार्थ विंड (North Wind) के ग्रीक देवता ‘बोरियस’ के नाम पर रखा गया है। यह वन विश्व की कुल भूमि के लगभग 10% भाग पर आच्छादित हैं जो आर्कटिक महासागर के निकट पाया जाता है।
    • ग्रीक पौराणिक कथाओं में नार्थ विंड को बोरियस के रूप में चित्रित किया गया है जो सर्दी एवं तूफानों के एक शक्तिशाली देवता है।
  • सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा : माप के लिए निरंतर प्रकाश सुनिश्चित करने के लिए 666 किमी. की ऊँचाई पर संचालन

क्या आप जानते हैं?

सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) रडार का ही एक रूप है जिसका उपयोग वस्तुओं के द्वि-आयामी चित्र या त्रि-आयामी संरचना बनाने के लिये किया जाता है। भूमि की उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों को प्राप्त करने के लिये एक्स-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (Synthetic Aperture Radars) का उपयोग महत्त्वपूर्ण है। 

पृथ्वी अन्वेषण कार्यक्रम (Earth Explorer Programme) 

  • यह ई.एस.ए. की अनुसंधान-संचालित उपग्रह श्रृंखला है जिसे पृथ्वी की गत्यात्मक प्रणालियों का अन्वेषण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • पहला अंतरिक्ष यान ‘ग्रेविटी फील्ड एंड स्टिडी-स्टेट ओसियन सर्कुलेशन एक्सप्लोरर (GOCE) मिशन 2009 में प्रक्षेपित किया गया और वर्ष 2013 तक कार्यरत रहा।
  • इसका सबसे हालिया मिशन अर्थ क्लाउड एरोसोल एंड रेडिएशन एक्सप्लोरर (अर्थकेयर) मिशन था, जिसे मई 2024 में लॉन्च किया गया था। 
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