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बल्क ड्रग पार्क

(प्रारंभिक परीक्षा- सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव, बायो-टैक्नोलॉजी)

संदर्भ 

हाल ही में, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले के हरोली में ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना को मंज़ूरी प्रदान की।

बल्क ड्रग के विभिन्न घटक

ए.पी.आई.

  • बल्क ड्रग को सक्रिय औषधीय घटक (Active Pharmaceutical Ingredient : API) भी कहते हैं।
  • प्रत्येक दवा दो मुख्य घटकों से बनी होती है। इनमें से एक है, रासायनिक रूप से सक्रिय ए.पी.आई.। यह किसी बीमारी के उपचार के लिये जिम्मेदार पदार्थ है। इसे मुख्य अथवा केंद्रीय अवयव के रूप में माना जा सकता है।
  • ए.पी.आई. एक रासायनिक यौगिक है जो किसी दवा को अंतिम रूप से उत्पादित करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कच्चा माल है।

निष्क्रिय घटक

  • दूसरा घटक है, रासायनिक रूप से निष्क्रिय (Excipients) पदार्थ। यह ए.पी.आई. के प्रभाव को शरीर के किसी हिस्से में पहुँचाता है।
  • उपर्युक्त दोनों घटकों को मिलाकर किसी औषधि का फ़ॉर्मूला तैयार किया जाता है।
  • चिकित्सा में ए.पी.आई. ही किसी बीमारी को ठीक करने के लिये वांछित प्रभाव पैदा करता है। उदाहरण के तौर पर पैरासिटामॉल, क्रोसिन के लिये एक ए.पी.आई. है और यह पैरासिटामॉल ए.पी.आई. ही शरीर में दर्द और बुखार से राहत देता है, जबकि एम.जी. (mg) किसी दवा में उपस्थित सक्रिय औषधीय अवयव (ए.पी.आई.) की मात्रा प्रदर्शित करती है। इस प्रकार, क्रोसिन 450 एम.जी. का अर्थ है कि इस टेबलेट में 450 एम.जी. सक्रिय औषधीय अवयव है।

औषधि निर्माण चक्र  

  • बुनियादी कच्चा माल या प्राथमिक रसायन जो ए.पी.आई. निर्माण के लिये विभिन्न अभिक्रियाओं से गुज़रते हैं उन्हें प्रमुख आरंभिक सामग्री (Key Starting Material : KSM) कहते है।
  • इन अभिक्रियाओं के दौरान मध्यवर्ती चरणों में बनने वाले रासायनिक यौगिकों को मध्यवर्ती (Drug Intermediates : DIs) या डी.आई. कहा जाता है।
  • फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन ड्रग्स (औषधि) विभिन्न ए.पी.आई. का उपयोग करते हैं, जबकि क्रोसिन जैसी सिंगल-डोज़ ड्रग्स सिर्फ एक ए.पी.आई. का उपयोग करती हैं।

बल्क ड्रग पार्कों को बढ़ावा देने के कारण 

  • भारत, दुनिया के सबसे बड़े फार्मास्युटिकल उद्योगों में से एक है, लेकिन यह उद्योग ए.पी.आई, डी.आई. और के.एस.एम. के आयात के लिये बड़े पैमाने पर अन्य देशों, विशेष रूप से चीन पर निर्भर है।
  • ध्यातव्य है कि भारत में दवा निर्माताओं को इन अवयवों के आयात में लगातार व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है।
  • लॉकडाउन के कारण चीन में फैक्ट्रियाँ बंद होने से आपूर्ति शृंखला बुरी तरह से प्रभावित हुई।

केंद्र की योजना 

  • केंद्र एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान करके देश के तीन चयनित पार्कों के निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी।
  • सरकार आम सुविधाओं की लागत का 70% अनुदान सहायता के रूप में देगी जबकि हिमाचल प्रदेश या अन्य पहाड़ी राज्यों के मामले में यह सहायता 90% होगी। केंद्र प्रति पार्क अधिकतम 1,000 करोड़ रुपए प्रदान करेगा।
  • एक राज्य केवल एक साइट का प्रस्ताव कर सकता है, जो मैदानी क्षेत्रों में एक हज़ार एकड़ से कम न हो या पहाड़ी क्षेत्रों के मामले में 700 एकड़ से कम ना हो।

अन्य तथ्य 

  • हिमाचल प्रदेश के अलावा, अन्य दो पार्क भरूच (गुजरात) और पूर्वी गोदावरी (आंध्र प्रदेश) में स्थापित किये जाएँगे।  
  • भारतीय दवा उद्योग मात्रा के हिसाब से दुनिया में तीसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत ने 1,75,040 करोड़ रुपए के बल्क ड्रग्स और ड्रग मध्यवर्ती सहित फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात किया।
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