मौसम सूचना नेटवर्क एवं डेटा प्रणाली (WINDS), फसल बीमा, कृषि परामर्श तथा विभिन्न क्षेत्रों की आपदा जोखिम अनुकूलन आवश्यकताओं हेतु दीर्घकालिक हाइपरलोकल मौसम आंकड़े सृजित करने के लिए स्वचालित मौसम केंद्रों (AWS) एवं स्वचालित वर्षामापी यंत्रों (ARG) के राष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क के विकास हेतु सरकार की एक पहल है।
मौसम सूचना नेटवर्क एवं डेटा प्रणाली को 7 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों (असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड) द्वारा अपनाया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 16,843 स्थलों पर इंस्टालेशन की अनुमति दे दी गई है; 1,188 स्थलों पर सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 892 स्वचालित मौसम केंद्रों (AWS) एवं स्वचालित वर्षामापी यंत्र (ARG) इंस्टाल किए जा चुके हैं।
मौसम सूचना एवं नेटवर्क डेटा प्रणाली (WINDS) के बारे में
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जुलाई 2023 में WINDS की शुरुआत की, ताकि उन्नत मौसम डेटा विश्लेषण (Advanced Weather Data Analytics) का उपयोग करके कृषि से जुड़े हितधारकों को उपयोगी जानकारी प्रदान की जा सके।
मौसम सूचना नेटवर्क एवं डेटा प्रणाली देश में मौसम संबंधी डेटा अवसंरचना (Weather Data Infrastructure) को मजबूत बनाने तथा एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उच्च गुणवत्ता वाले मौसम डेटा उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्देश्य:
इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में मौसम संबंधी विभिन्न आंकड़ों (Weather Variables) का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना है।
WINDS देश के विभिन्न मौसम अवलोकन प्रणालियों (Weather Observation Systems) से प्राप्त मौसम डेटा को एक राष्ट्रीय स्तर के WINDS पोर्टल पर एकीकृत करेगा।
यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म दीर्घकालिक (Long-term), स्थानीय स्तर (Hyperlocal), गुणवत्ता-जांचित (Quality Checked) तथा विश्वसनीय मौसम डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे सरकारों की जोखिम न्यूनीकरण (Risk Mitigation) रणनीतियों को मजबूती मिलेगी तथा मौसम संबंधी सेवाओं का निर्बाध और लगभग वास्तविक समय (Near Real-Time) में प्रसार संभव होगा।
WINDS एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है, जो भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), विभिन्न राज्य सरकारों तथा सार्वजनिक एवं निजी तकनीकी संस्थानों के मौजूदा ढांचे और विशेषज्ञता को एकीकृत करेगी। इस उद्देश्य से यह दस्तावेज़ WINDS के कार्यान्वयन से जुड़े सभी हितधारकों - जैसे केंद्र सरकार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, आईएमडी आदि के लिए एक मार्गदर्शिका (Guide) और संचालन पुस्तिका (Manual) का कार्य करेगा।
स्थानीय स्तर पर संचालन:
प्रत्येक ब्लॉक/तहसील/तालुक स्तर पर एक स्वचालित मौसम केंद्र (Automatic Weather Station - AWS) स्थापित किया जाएगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत (Gram Panchayat - GP) स्तर पर एक स्वचालित वर्षा मापक (Automatic Rain Gauge - ARG) लगाया जाएगा।
WINDS के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु WINDS कार्यान्वयन भागीदार (WIPs), गुणवत्ता आश्वासन भागीदार (QAPs) तथा विवाद निवारण प्रणाली (Dispute Resolution System) जैसी संस्थागत व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।