लाल सागर में केबल व्यवधान का भारतीय नेटवर्क पर प्रभाव

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता)

संदर्भ

माइक्रोसॉफ्ट ने लाल सागर में कई बार समुद्र के नीचे केबल कटने के कारण अपने वैश्विक क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पर सेवा बाधित होने की सूचना दी है। यह वैश्विक डिजिटल बुनियादी ढाँचे की भू-राजनीतिक और समुद्री जोखिमों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

हालिया घटनाक्रम 

  • लाल सागर से होकर गुजरने वाली समुद्र के नीचे कई इंटरनेट केबल क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे डाटा प्रवाह बाधित हो गया।
  • माइक्रोसॉफ्ट की Azure क्लाउड सेवाएँ और संबंधित प्लेटफ़ॉर्म प्रभावित हुए, जिससे दुनिया भर के व्यवसाय प्रभावित हुए।
  • इस कटौती का कारण इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और सुरक्षा खतरों से जुड़ा है।

लाल सागर का महत्त्व

  • लाल सागर समुद्री व्यापार और डिजिटल बुनियादी ढाँचे दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण अवरोध बिंदु है।
  • वैश्विक इंटरनेट ट्रैफ़िक का लगभग 17% हिस्सा यहाँ बिछाई गई पनडुब्बी केबलों से होकर गुजरता है, जो एशिया, यूरोप एवं अफ्रीका को जोड़ती हैं।
  • व्यवधान वैश्विक स्तर पर वित्तीय लेनदेन, संचार एवं क्लाउड कंप्यूटिंग को प्रभावित करते हैं।

व्यापक निहितार्थ

  • भू-राजनीतिक जोखिम: पश्चिम एशिया में संघर्ष और समुद्री डकैती पनडुब्बी केबल सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं।
  • आर्थिक प्रभाव: क्लाउड सेवा व्यवधान बैंकिंग, ई-कॉमर्स और ए.आई. संचालन को प्रभावित कर सकते हैं।

भारत का हित

  • भारत वैश्विक क्लाउड सेवाओं (माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, गूगल) का एक प्रमुख उपयोगकर्ता है।
  • इस तरह के व्यवधान डिजिटल इंडिया एवं नेशनल क्लाउड जैसी पहलों के तहत लचीले डिजिटल बुनियादी ढाँचे और घरेलू डाटा केंद्रों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

आगे की राह

  • केबल मार्गों का विविधीकरण और समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा सहयोग में वृद्धि
  • समुद्री केबलों के पूरक के रूप में उपग्रह इंटरनेट प्रौद्योगिकियों (जैसे- स्टारलिंक, वनवेब) में निवेश
  • कमजोर वैश्विक मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की अपनी क्लाउड क्षमता को मजबूत करना
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