Art and Culture 22-Jul-2026
केंद्र सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में महत्वपूर्ण संशोधन करने की तैयारी कर रही है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत करेंगे।
Art and Culture 20-Jul-2026
हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय परिसर में भारत के पहले इमर्सिव भाषा संग्रहालय शब्दलोक (Museum of Word) की स्थापना की गई।
Art and Culture 09-Jul-2026
हाल ही में भारत और इंडोनेशिया ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर के लिए एक सहयोगात्मक संरक्षण पहल शुरू करके अपनी साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
Art and Culture 08-Jul-2026
हाल ही में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय शिक्षा को डिजिटल रूप देने और भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने की एक अहम पहल के तहत ट्राइबएक्स का शुभारंभ किया है।
Art and Culture 08-Jul-2026
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के ऐतिहासिक चार कमान (Char Kaman) के जीर्णोद्धार (Restoration) की घोषणा की है।
Art and Culture 07-Jul-2026
छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोककला पंडवानी, जिसमें महाभारत की कथा का संगीतमय प्रस्तुतीकरण किया जाता है, को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध लोक कलाकार तीजन बाई का रविवार, 5 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। लोक कलाकार तीजन बाई 70 वर्ष की थीं।
Art and Culture 29-Jun-2026
जैव विविधता के संरक्षण तथा पारंपरिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में मध्य प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
Art and Culture 25-Jun-2026
हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री ने अपनी स्लोवाकिया यात्रा के दौरान वहाँ के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को थेवा कला से निर्मित कफ़लिंक भेंट किए।
Art and Culture 23-Jun-2026
प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कलामकारी शैली में निर्मित महाभारत की एक उत्कृष्ट हस्तनिर्मित पेंटिंग भेंट की। आंध्र प्रदेश की इस पारंपरिक कलाकृति में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत का सुंदर चित्रण किया गया है।
Art and Culture 16-Jun-2026
हाल ही में झारखंड के चार पारंपरिक उत्पाद- भागैया सिल्क, कुचाई सिल्क, मुंडा आभूषण और बांस शिल्प को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication - GI) टैग प्रदान किया गया है।
Our support team will be happy to assist you!