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CURRENT AFFAIRS

आकाशीय बिजली: भारत की अदृश्य आपदा

Disaster and Disaster Management 13-Jan-2026

22 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली के पृथ्वी भवन में आयोजित नौवें राष्ट्रीय आकाशीय बिजली सम्मेलन (National Lightning Conference) में विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में आकाशीय बिजली (Lightning) भारत की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदा बनकर उभरी है। अत्यधिक मौतों का कारण बनने के बावजूद इस प्राकृतिक आपदा को नीतिगत एवं सामाजिक स्तर पर अभी भी उस गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है जिस गंभीरता से बाढ़ या चक्रवात को लिया जाता है। 

मान्यता कार्यक्रम

Disaster and Disaster Management 27-Dec-2025

सुनामी से निपटने के लिए तैयार गांवों की पहचान कार्यक्रम के अंतर्गत भारत जल्द ही हिंद महासागर क्षेत्र में 100 से अधिक ऐसे गांवों की पहचान करेगा, जो सुनामी जैसी आपदाओं का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।

ज़ाम्बेज़ी नदी

Disaster and Disaster Management 10-Dec-2025

एक नए अध्ययन के अनुसार ज़म्बेजी नदी (Zambezi River) वस्तुत: अंगोला के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र में लुंगवेबुंगु (Lungwebungu) नामक नदी के उद्गम स्थल से शुरू होती है जिससे ज़म्बेजी की कुल लंबाई पहले की अपेक्षा 342 किमी. अधिक होकर 3,421 किमी. हो जाती है।

QS सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग्स 2026

Disaster and Disaster Management 20-Nov-2025

हाल ही में, QS (Quacquarelli Symonds) संस्था ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग 2026 जारी की हैं। इस बार भारत की 103 विश्वविद्यालयों को इस सूची में शामिल किया गया है जिससे भारत चौथे स्थान पर रहा है। 

भारत में चक्रवात प्रबंधन (Cyclone Management in India)

Disaster and Disaster Management 19-Nov-2025

भारत का लगभग 7,500 किमी लंबा समुद्री तट उसे उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के लिए अत्यंत संवेदनशील बनाता है। भारत में हर वर्ष औसतन 5–6 चक्रवात आते हैं, जिनमें से अधिकांश का प्रभाव पूर्वी तट (बंगाल की खाड़ी) पर अधिक देखा जाता है। 

भारत में आपदा प्रबंधन

Disaster and Disaster Management 17-Nov-2025

भारत भौगोलिक और जलवायु विविधता वाला देश है, जो भूकंप, बाढ़, चक्रवात, सूखा, भूस्खलन, हीटवेव, शीत लहर और जंगल की आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार हर वर्ष भारत को आपदाओं के कारण GDP का लगभग 2% तक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में एक मजबूत, वैज्ञानिक और समुदाय-केंद्रित आपदा प्रबंधन तंत्र आवश्यक है।

आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2024

Disaster and Disaster Management 17-Nov-2025

भारत विश्व के सबसे आपदा-प्रवण देशों में से एक है, जहाँ 70% भूभाग भूकंप, बाढ़, सूखा, हीटवेव, चक्रवात और जैविक आपदाओं के खतरे में है। बढ़ती जलवायु परिवर्तन-जनित आपदाओं, महामारी अनुभव (COVID-19) तथा जटिल मानवीय-संकट परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 अब अपर्याप्त माना जा रहा था। इसी संदर्भ में सरकार ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित किया, जिसका उद्देश्य जोखिम न्यूनीकरण, संस्थागत ढाँचे, शहरी आपदा प्रबंधन तथा डेटा-आधारित योजना को मजबूत बनाना है।

औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य: आपदा प्रबंधन दृष्टिकोण 

Disaster and Disaster Management 13-Nov-2025

गुजरात के भरूच जिले में स्थित एक फार्मास्यूटिकल फैक्ट्री में 12 नवंबर 2025 को बॉयलर विस्फोट के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री की संरचना ढह गई और आग लग गई।

आपदा प्रबंधन: भीड़ जनित संकट पर प्रतिक्रिया और वैज्ञानिक नियंत्रण

Disaster and Disaster Management 09-Oct-2025

तमिलनाडु के करूर में सितंबर में तमिलगा वेत्रि कज़गम (TVK) के संस्थापक अभिनेता विजय की रैली में हुई भगदड़ की भयावह त्रासदी ने पुन: भारत में भीड़ प्रबंधन की गंभीर चुनौतियों को उजागर कर दिया है। अत्यधिक भीड़भाड़ और दम घुटने के कारण इस घटना में 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश युवा थे। 

करूर भीड़ दुर्घटना: एक दर्दनाक त्रासदी

Disaster and Disaster Management 30-Sep-2025

तामिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 की रात अभिनेता और तमिलागा वेत्री कज़हगम (TVK) प्रमुख विजय के राजनीतिक रोडशो के दौरान रैली में भगदड़ मचने से 40 लोगों की मौत हो गई। यह राज्य की सबसे गंभीर राजनीतिक सभा दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

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