संदर्भ
हाल ही में भारत सरकार ने देश में शिपिंग कंटेनरों के निर्माण को बढ़ावा देने और घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर विनिर्माण सहायता योजना (सीएमएएस) प्रस्तावित की है।
कंटेनर विनिर्माण सहायता योजना (सीएमएएस) के बारे में
- इस पहल का लक्ष्य भारत में एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी कंटेनर विनिर्माण उद्योग विकसित करना है।
- योजना के तहत भारत की वार्षिक कंटेनर उत्पादन क्षमता को मौजूदा स्तर की तुलना में करीब दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट (टीईयू) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना का उद्देश्य:
- कंटेनर विनिर्माण सहायता योजना के माध्यम से नई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ पहले से संचालित इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इससे देश में बढ़ती शिपिंग कंटेनरों की मांग को घरेलू उत्पादन के जरिए पूरा करने में मदद मिलेगी।
पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश:
- इस योजना के लिए पांच साल की अवधि में 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित है। इसका इस्तेमाल कंटेनर विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन क्षमता के साथ-साथ उससे जुड़ी पूरी आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करने में किया जाएगा।
प्रमुख प्रावधान:
- नई ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए पूंजीगत सहायता।
- मौजूदा ब्राउनफील्ड इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए सहयोग।
- घरेलू निर्माताओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए परिचालन सहायता।
- कंटेनरों की गुणवत्ता जांच के लिए परीक्षण सुविधाओं का विकास।
- कुशल श्रमबल तैयार करने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण।
- उद्योग की दीर्घकालिक क्षमता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण संबंधी सहायता।
व्यापक सरकारी अभियानों से जुड़ाव:
- यह योजना सरकार की व्यापक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स रणनीति का हिस्सा है। इसे मेक इन इंडिया, मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047, पीएम गति शक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और सागरमाला कार्यक्रम जैसी पहलों के साथ जोड़ा गया है।
महत्त्व:
- भारत का बढ़ता व्यापार और समुद्री परिवहन शिपिंग कंटेनरों की मांग को लगातार बढ़ा रहा है। घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण क्षमता सीमित होने से देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में सीएमएएस के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने से आयात निर्भरता घटाने, रोजगार सृजित करने, विनिर्माण क्षेत्र को गति देने और भारत की समुद्री लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
- कुल मिलाकर, कंटेनर विनिर्माण सहायता योजना का उद्देश्य केवल कंटेनर उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक कंटेनर विनिर्माण और समुद्री आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है।