संदर्भ
हाल ही में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के मार्गदर्शन में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) और भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीओएआई) ने कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसके पहले बैच में 2879 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। कॉरपोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का शुभारंभ कार्यक्रम के संरचित शिक्षण और क्षमता-विकास चरण की शुरुआत का प्रतीक है।
कॉरपोरेट मित्र पहल के बारे में
- भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में कॉरपोरेट मित्र पहल की घोषणा की थी।
- इसका उद्देश्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक समूह तैयार करना है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को व्यावसायिक और नियामकीय अनुपालनों के प्रबंधन में सहयोग प्रदान कर सके।
- इसके माध्यम से कारोबार सुगमता, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में सहयोग
- इस कार्यक्रम में आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई की व्यावसायिक विशेषज्ञता को आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक और स्वयं प्लस के प्रौद्योगिकी एवं शैक्षणिक सहयोग के साथ जोड़ा गया है।
कार्यक्रम के चरण:
- कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की कुल अवधि 12 महीने है, जिसे दो चरणों में विभाजित किया गया है।
- पहले छह महीनों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो व्याख्यानों के माध्यम से लगभग 150 घंटे का संरचित शैक्षणिक शिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके बाद आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के सदस्यों की प्रोफेशनल फर्मों में छह महीने का कार्यस्थल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे शिक्षार्थियों को कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
- शैक्षणिक घटक को शिक्षार्थियों को एमएसएमई के संचालन और उनकी सहायता संबंधी आवश्यकताओं की समग्र समझ प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। डिजिटल शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से शिक्षार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा दिए गए रिकॉर्ड किए गए व्याख्यान, संदर्भ सामग्री, मूल्यांकन, घोषणाएं, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) और चर्चा मंच उपलब्ध कराए जाएंगे।
महत्त्व:
- कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की शुरुआत कुशल पैरा-प्रोफेशनल्स का एक ऐसा समूह विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और औपचारिककरण में योगदान दे सकता है।