New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

COSPAR विक्रम साराभाई पदक 2026: अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम बनीं यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय महिला

मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग, खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, वैज्ञानिक उपलब्धियाँ
मुख्य शब्द: अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम, कॉस्पार, विक्रम साराभाई पदक, इसरो, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, एस्ट्रोसैट, पराबैंगनी चित्रण दूरबीन, तीस मीटर दूरबीन, तारकीय भौतिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान

चर्चा में क्यों?

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रसिद्ध भारतीय खगोलभौतिकीविद् डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को अंतरिक्ष अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक 2026 से सम्मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह पुरस्कार इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं कॉस्पार वैज्ञानिक सभा के दौरान प्रदान किया गया। 
  • डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक हैं। 
  • वे यह पदक प्राप्त करने वाली चौथी भारतीय भी हैं। 
  • वे बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) की निदेशक हैं। 
  • वे नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र (CeNS) में अतिरिक्त निदेशक का दायित्व भी संभाल रही हैं। 
  • उन्हें तारकीय भौतिकी, तारों के समूह और निकटवर्ती आकाशगंगाओं पर उनके शोध के लिए जाना जाता है। 
  • उन्होंने भारत की अंतरिक्ष वेधशाला एस्ट्रोसैट पर लगे पराबैंगनी चित्रण दूरबीन (UVIT) में अंशांकन वैज्ञानिक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम कौन हैं?

  • डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम भारत की प्रमुख खगोलभौतिकीविद् हैं। उनका शोध मुख्य रूप से तारों, तारों के समूहों और निकटवर्ती आकाशगंगाओं के अध्ययन से जुड़ा है।

प्रमुख योगदान

  • तारकीय भौतिकी की विशेषज्ञ। 
  • तारों के समूहों पर व्यापक शोध। 
  • निकटवर्ती आकाशगंगाओं का अध्ययन। 
  • अंतरिक्ष और पृथ्वी पर स्थित खगोलीय दूरबीनों एवं उपकरणों पर कार्य। 
  • एस्ट्रोसैट की पराबैंगनी चित्रण दूरबीन (UVIT) के अंशांकन में महत्वपूर्ण भूमिका। 
  • अंतरराष्ट्रीय तीस मीटर दूरबीन (TMT) परियोजना से जुड़ी हुई हैं। 
  • भारतीय विज्ञान अकादमी की फेलो हैं। 
  • अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) की सदस्य हैं। 
  • वर्ष 2024 में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार–विज्ञान श्री से सम्मानित हुईं। 

कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक क्या है?

कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। यह विशेष रूप से विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित करता है।

मुख्य तथ्य

  • स्थापना: 1990
  • नामकरण: डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में
  • क्षेत्र: अंतरिक्ष अनुसंधान

डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है।

कौन प्रदान करता है?

यह पदक संयुक्त रूप से प्रदान किया जाता है— अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (COSPAR) + भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)

कॉस्पार क्या है?

COSPAR का पूरा नाम—अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (Committee on Space Research) है। यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संगठन है, जो विभिन्न देशों के बीच अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देता है।

स्थापना: 1958

वर्ष 1957 में सोवियत संघ द्वारा स्पुतनिक-1 के प्रक्षेपण के बाद अंतरिक्ष अनुसंधान तेजी से बढ़ने लगा। इसी दौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कॉस्पार की स्थापना की गई।

प्रमुख कार्य

  • अंतरिक्ष अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना। 
  • वैज्ञानिकों के बीच शोध और आँकड़ों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना। 
  • विभिन्न देशों के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को साझा मंच उपलब्ध कराना। 
  • अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित वैज्ञानिक सभाओं और सम्मेलनों का आयोजन करना। 

46वीं कॉस्पार वैज्ञानिक सभा

  • स्थान: फ्लोरेंस, इटली
  • आयोजन: प्रत्येक दो वर्ष में
  • प्रतिभागी: दुनिया के विभिन्न देशों के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष विशेषज्ञ

यह दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष विज्ञान संबंधी वैज्ञानिक सभाओं में से एक है।

कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक पाने वाले भारतीय

वर्ष

वैज्ञानिक

1996

डॉ. यू. आर. राव

2014

प्रो. गुरबख्श सिंह लखीना

2024

डॉ. अनिल भारद्वाज

2026

डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम

डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम यह सम्मान पाने वाली चौथी भारतीय और पहली भारतीय महिला हैं।

एस्ट्रोसैट क्या है?

एस्ट्रोसैट भारत की पहली बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला है।

  • इसे वर्ष 2015 में प्रक्षेपित किया गया था।
  • यह अलग-अलग तरंगदैर्ध्यों में तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करती है।
  • डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने UVIT के अंशांकन वैज्ञानिक के रूप में काम किया। आसान भाषा में, उन्होंने यह सुनिश्चित करने में मदद की कि दूरबीन से मिलने वाले वैज्ञानिक आँकड़े सही और भरोसेमंद हों।

तीस मीटर दूरबीन (TMT) क्या है?

तीस मीटर दूरबीन एक विशाल अंतरराष्ट्रीय खगोलीय दूरबीन परियोजना है।

  • इसके मुख्य दर्पण का व्यास लगभग 30 मीटर होगा।
  • इसकी मदद से वैज्ञानिक तारेग्रहआकाशगंगाएँ - ब्रह्मांड का विकास का अधिक गहराई से अध्ययन कर सकेंगे।
  • भारत भी इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना में भागीदार है।

भारत के लिए इसका महत्व

  1. भारतीय विज्ञान की वैश्विक पहचानयह सम्मान बताता है कि भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रहा है।
  2. महिला वैज्ञानिकों को प्रोत्साहनपहली भारतीय महिला को यह सम्मान मिलना विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
  3. अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की क्षमता: एस्ट्रोसैट और UVIT जैसी परियोजनाएँ भारत की खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमता को मजबूत करती हैं।
  4. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग: कॉस्पार और TMT जैसी पहलें भारत को दुनिया के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों और वैज्ञानिकों के साथ काम करने का अवसर देती हैं।
  5. भविष्य के अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा: ऐसी उपलब्धियाँ भारत में नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करती हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न. कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. यह अंतरिक्ष अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। 
  2. इसे कॉस्पार और इसरो द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया जाता है। 
  3. इसका नाम डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है। 

सही कथन कौन-से हैं?

A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

“भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान क्षमता को मजबूत करने में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग की भूमिका की चर्चा कीजिए। कॉस्पार, एस्ट्रोसैट और तीस मीटर दूरबीन परियोजना के संदर्भ में समझाइए।”

FAQs 

1. कॉस्पार विक्रम साराभाई पदक 2026 किसे मिला?

डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को।

2. उनकी विशेष उपलब्धि क्या है?

वे यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय महिला और चौथी भारतीय हैं।

3. यह पदक कौन प्रदान करता है?

कॉस्पार और इसरो संयुक्त रूप से।

4. एस्ट्रोसैट क्या है?

यह भारत की बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे वर्ष 2015 में प्रक्षेपित किया गया था।

5. UVIT क्या है?

यह एस्ट्रोसैट पर लगा पराबैंगनी चित्रण दूरबीन है, जिसका उपयोग पराबैंगनी प्रकाश में खगोलीय पिंडों के अध्ययन के लिए किया जाता है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X