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Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

डिस्पोजेबल पेपर कप सम्बंधी चिंताएँ

प्रमुख बिंदु

  • आई.आई.टी, खड़गपुर के शोधकर्ताओं के अनुसार डिस्पोजेबल पेपर कप में गर्म पेय पदार्थ का प्रयोग हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इनसे माइक्रोप्लास्टिक सहित कई हानिकारक तत्व निकलते हैं।
  • अध्ययन में पाया गया है कि पेपर कप में 15 मिनट तक गर्म पानी रखने से माइक्रोप्लास्टिक की पतली परत क्षीण हो जाती है।

डिस्पोजेबल पेपर के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री

  • पेपर कप महीन हाइड्रोफोबिक फिल्म से तैयार किये जाते हैं, जो अधिकांशत: प्लास्टिक (पॉलीथिलेन) से बने होते हैं।
  • कई बार पेपर कप में तरल पदार्थ को रोकने के लिये को-पॉलीमर्स का प्रयोग किया जाता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

  • अध्ययन के अनुसार, एक पेपर कप में यदि 15 मिनट तक 85-90 0C तापमान वाले 100 मिली. गर्म तरल पदार्थ को रखा जाता है तो उसमें से अधिक मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक के कण निकलते हैं।
  • इसका तात्पर्य यह है कि एक औसत व्यक्ति यदि एक दिन में तीन बार पेपर कप में चाय या कॉफी का सेवन करता है तो उसके शरीर में लगभग 75 हजार सूक्ष्म माइक्रोप्लास्टिक के कण पहुंचते हैं। माइक्रोप्लास्टिक कणों की इतनी मात्रा किसी व्यक्ति को दृष्टिहीन करने में सक्षम है।
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