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एर्वेबो (Ervebo) वैक्सीन

संदर्भ  

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और उसके सहयोगी संगठनों ने जानकारी दी कि कांगो को एर्वेबो वैक्सीन की 70,000 खुराकें उपलब्ध कराई जाएंगी। 

एर्वेबो वैक्सीन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें 

  • एर्वेबो वैक्सीन को इबोला वायरस रोग (Ebola Virus Disease) से सुरक्षा के लिए लाइसेंस प्राप्त है।
  • इसका निर्माण मर्क (Merck) कंपनी करती है। 
  • यह रेप्लिकेशन-कम्पीटेंट, लाइव, एटेन्यूएटेड (कमज़ोर) रिकॉम्बिनेंट वेसिकुलर स्टोमाटाइटिस वायरस (VSV) वैक्सीन है।
  • वैक्सीन में इबोला वायरस का केवल एक प्रोटीन मौजूद होता है। इसलिए यह इबोला वायरस रोग उत्पन्न नहीं कर सकती।
  • वैक्सीन लगाए जाने के बाद शरीर इस वायरल प्रोटीन के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित करता है, जिससे इबोला से सुरक्षा मिलती है। 
  • उपयोग: 1 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को इबोला वायरस रोग से बचाने के लिए इसका सक्रिय टीकाकरण किया जाता है।
  • यह वैक्सीन अन्य ऑर्थोइबोलावायरस प्रजातियों और ऑर्थोमारबर्गवायरस से सुरक्षा नहीं देती। 

इबोला वायरस के बारे में 

  • इबोला एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा वायरल बीमारी है, जो ऑर्थोइबोलावायरस नामक वायरस समूह के कारण होती है।
  • यह एक संक्रामक बीमारी है, जो मनुष्यों के साथ-साथ गैर-मानव प्राइमेट्स को भी प्रभावित कर सकती है।
  • इबोला की पहचान पहली बार 1976 में दक्षिणी सूडान और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में हुई थी। यह बीमारी मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के दूरदराज के क्षेत्रों में देखने को मिलती है।
  • इबोला को रक्तस्रावी बुखार पैदा करने वाली बीमारी के रूप में जाना जाता है। यह शरीर की रक्त के थक्के बनाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप छोटी रक्त वाहिकाओं से रक्त का रिसाव और आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। 

इबोला का संक्रमण कैसे फैलता है? 

  • इबोला वायरस जंगली जानवरों, जैसे फल खाने वाले चमगादड़ों, पॉर्क्यूपाइन और गैर-मानव प्राइमेट्स से मनुष्यों में पहुंच सकता है।
  • मनुष्यों में संक्रमण फैलने के बाद यह संक्रमित व्यक्ति के खून, स्राव, अंगों या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है।
  • संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों से दूषित सतहों और वस्तुओं के संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है। यद्यपि इबोला वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता।

इबोला के प्रमुख लक्षण 

  • इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, दस्त, उल्टी और रक्तस्राव शामिल हैं।
  • गंभीर स्थिति में इबोला जानलेवा हो सकता है और व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।  
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