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बाज़ार हस्तक्षेप योजना का विस्तार

चर्चा में क्यों

हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सत्र की भांति वर्तमान सत्र (2020-21) के लिये भी जम्मू एवं कश्मीर में सेब खरीद के लिये बाजा़र हस्तक्षेप योजना के विस्तार को अनुमति प्रदान कर दी है।

खरीद प्रक्रिया

  • सेब की खरीद केंद्रीय खरीद एजेंसी, जैसे- ‘राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड’ (NAFED- नैफेड) द्वारा राज्य नामित एजेंसियों, जैसे- ‘योजना एवं विपणन निदेशालय’, ‘उद्यान विभाग और जम्मू-कश्मीर बागवानी प्रसंस्करण एवं विपणन निगम’ के माध्यम से जम्मू एवं कश्मीर के सेब किसानों से प्रत्यक्ष रूप से की जाएगी।
  • इसका भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से किया जाएगा।
  • सरकार ने नैफेड को इसके लिये 2,500 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी उपयोग करने की भी अनुमति प्रदान की है।
  • किसी भी नुकसान की स्थिति में इसको 50:50 के आधार पर केंद्र सरकार तथा जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन के मध्य साझा किया जाएगा।

नामित मूल्य समिति

  • पिछले सत्र में गठित ‘नामित मूल्य समिति’ इस मौसम के लिये भी सेब के विभिन्न प्रकारों और सेब के ग्रेड के मूल्य निर्धारण का कार्य करता रहेगा।
  • जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन निर्दिष्ट मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करेगा।

लाभ

  • यह घोषणा सेब उत्पादकों को एक प्रभावी विपणन मंच प्रदान करेगी।
  • यह सेब के लिये पारिश्रमिक की बेहतर कीमतें सुनिश्चित करेगा, जिससे जम्मू एवं कश्मीर में किसानों की समग्र आय में वृद्धि होगी।
  • इससे स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार सृजन में भी वृद्धि होगी।

बाज़ार हस्तक्षेप योजना (Market Intervention Scheme : MIS)

  • बाज़ार हस्तक्षेप योजना एक तदर्थं योजना है, जिसके अंतर्गत बागवानी सहित जल्द ख़राब होने वाले उन कृषि उत्पादों को शामिल किया जाता है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत कवर नहीं की गईं हैं।
  • इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के मूल्य का आर्थिक स्तर और उत्पादन लागत से भी कम होने की स्थिति में किसानों के हितों की सुरक्षा करना है।
  • इन उत्पादों के मूल्य में अत्यधिक गिरावट की स्थिति में राज्य सरकार के अनुरोध पर सरकार द्वारा इसको लागू किया जाता है। साथ ही, किसी क्षति की स्थिति में नुकसान को 50 : 50 के अनुपात में साझा किया जाता है।
  • बाज़ार हस्तक्षेप योजना को अभी तक सेब, किन्नू/माल्टा, संतरा, लहसुन, अंगूर, मशरूम, काली मिर्च, अदरक, लौंग, आलू, प्याज़ आदि के लिये लागू किया जा चुका है।
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