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असम में अफस्पा की समयसीमा में विस्तार

(मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 सुरक्षा : आतंरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ, विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश)

संदर्भ

असम राज्य में ‘सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम, 1958’ (AFSPA) के विस्तार पर चर्चा की जा रही है। हालिया आतंरिक सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र नगालैंड में अफस्पा के विरोध के बावजूद अशांत क्षेत्रों में अफस्पा के समयसीमा में विस्तार का निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण है।

सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम, 1958 (अफस्पा)

अधिनियम सुरक्षा बलों को कहीं भी अभियान चलाने और बिना पूर्व वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने और तलाशी लेने का अधिकार देता है। अधिनियम की धारा 3 राज्य सरकार द्वारा समीक्षा के बाद हर छह माह में इसके विस्तार की अनुमति देती है।

पूर्वोत्तर के अशांत क्षेत्र और अफस्पा

Militancy

  • अफस्पा असम के अलावा, नागालैंड, मणिपुर (इंफाल नगर परिषद् क्षेत्र को छोड़कर), अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग, लोंगडिंग और तिरप जिलों और असम की सीमा से जुड़े अरुणाचल प्रदेश के दो पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में लागू है।
  • वर्ष 2005 में जीवन रेड्डी समिति ने अफस्पा को निरस्त करने की सिफारिश की थी और पूर्वोत्तर राज्यों के संबंध में एक नया अध्याय सम्मिलित करके ‘गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यू.ए.पी.ए.), 1967’ में संशोधन करने का सुझाव दिया था।

असम और अफस्पा

  • नवंबर 1990 में असम में अफस्पा लगाया गया था तथा अंतिम विस्तार के आदेश सितंबर 2021 में जारी किये गए थे, किंतु यह 28 अगस्त, 2021 से प्रभावी थे।
  • गृह मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक राज्य में वर्ष 1999 के बाद से वर्ष 2020 में 15 और वर्ष 2021 में 21 घटनाओं के साथ सबसे कम उग्रवाद की घटनाएँ दर्ज की गईं।
  • सितंबर माह के आदेश में राज्य सरकार द्वारा उल्फा (आई) से खतरों के अलावा एच.यू.एम., जे.एम.बी. और एच.एम. (हिज़बुल मुज़ाहिदीन) जैसे इस्लामिक अतिवादी समूहों के उदय से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों का हवाला दिया गया था।
  • बांग्लादेश सरकार द्वारा हेफ़ाज़त-ए-इस्लाम के नेताओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई के कारण इस संगठन के भगोड़े कार्यकर्ताओं द्वारा असम को शरणस्थली बनाने का खतरा विद्यमान है।
  • वस्तुतः असम जिन आतंरिक चुनौतयों का सामना कर रहा है, उन्हें पृथक करके नहीं देखा जा सकता है क्योंकि असम बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है साथ ही चीन के जनवादी गणराज्य, म्याँमार और भूटान जैसे अन्य देशों से घिरा हुआ है।

AFSPAनिष्कर्ष

क्षेत्र में अफस्पा को कमजोर करने से पूर्व परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा (आई) और अन्य विद्रोही समूहों की गतिविधियों पर सावधानीपूर्वक नजर रखने की आवश्यकता है तथा बाह्य चुनौतियों द्वारा प्रेरित आतंरिक चुनौतियों से निपटने के लिये तार्किक निर्णय लिये जाने की आवश्यकता है।

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