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फ्राइड्रीच एटाक्सिया (Friedreich’s ataxia)

संदर्भ 

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओक्लाहोमा हेल्थ साइंसेज सेंटर के शोधकर्ताओं के हालिया अध्ययन के अनुसार, फ्राइड्रीच एटाक्सिया नामक यह बीमारी FXN जीन में होने वाले उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) की वजह से होती है।    

फ्राइड्रीच एटाक्सिया के बारे में 

  • यह एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जो तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को क्रमिक रूप से क्षति पहुँचाता है। 
  • यह नुकसान रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) और उन तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है जो हाथों और पैरों की मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं।   

बीमारी के कारण 

  • FXN जीन में म्यूटेशन: यह विकार FXN जीन के उत्परिवर्तित होने पर उत्पन्न होता है।
  • फ्रेटाक्सिन की भूमिका: FXN जीन फ्रेटाक्सिन नामक प्रोटीन का निर्माण करता है। फ्रेटाक्सिन हमारी कोशिकाओं के पावरहाउस यानी माइटोकॉन्ड्रिया के लिए बेहद जरूरी है। 
  • ऊर्जा का उत्पादन: कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहे जाने वाले एटीपी (ATP) रसायन का अधिकांश निर्माण माइटोकॉन्ड्रिया में ही होता है। 
  • ऊर्जा की आवश्यकता: तंत्रिका, रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क और हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • कोशिका की विफलता: जब फ्रेटाक्सिन का स्तर असामान्य रूप से घट जाता है, तो माइटोकॉन्ड्रिया द्वारा एटीपी का उत्पादन कम प्रभावी हो जाता है और साथ ही जहरीले अपशिष्ट भी जमा होने लगते हैं।
  • रोग की शुरुआत: इससे कोशिकाएं अपनी कार्यक्षमता खो बैठती हैं, जिससे फ्राइड्रीच एटाक्सिया (FA) के लक्षण उभरने लगते हैं।
  • आनुवंशिक पैटर्न: जो व्यक्ति माता और पिता दोनों से FXN जीन की दोषपूर्ण प्रतियाँ विरासत में पाते हैं, वे इस रोग से ग्रस्त हो जाते हैं।
  • वाहक स्थिति: जो व्यक्ति इस जीन की केवल एक ही असामान्य प्रति प्राप्त करता है, उसे ‘वाहक’ (कैरियर) कहा जाता है।
  • सगोत्र विवाह: इस बीमारी से पीड़ित अधिकांश मरीज सगोत्र विवाह (आपसी रिश्तेदारों जैसे चाचा-भतीजी या चचेरे भाई-बहनों के बीच होने वाले विवाह) से जुड़े परिवारों से होते हैं। 

प्रमुख लक्षण

  • शुरुआत की उम्र: इसके लक्षण आमतौर पर 5 से 15 वर्ष की आयु के बीच प्रकट होने लगते हैं। 
  • मुख्य पहचान: इसका प्रमुख लक्षण एटाक्सिया है, जिसका अर्थ है शारीरिक गतिविधियों के बीच आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) बिठाने में असमर्थता।  

अन्य विशिष्ट लक्षण: 

  • चलने-फिरने में कठिनाई होना
  • मांसपेशियों का कमजोर होना
  • बोलने में दिक्कत आना
  • आंखों की अनैच्छिक हरकतें (इनवॉलंटरी आई मूवमेंट्स)
  • स्कोलियोसिस (यानी रीढ़ की हड्डी का एक तरफ झुक जाना या मुड़ना)
  • हृदय रोग के कारण दिल की धड़कन का तेज होना, जो इस बीमारी के साथ हो सकता है। 

बीमारी का विस्तार:  

  • अब तक उप-सहारा अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया की आबादी में FRDA के मामले सामने नहीं आए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, लंबे समय से यह रोग मुख्यतः यूरोपीय, उत्तरी अफ्रीकी, पश्चिमी एशियाई और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों में ही पाया गया है। 

बीमारी की गंभीरता: 

  • इस विकार से पीड़ित व्यक्तियों को आमतौर पर लक्षण दिखने के 15 से 20 वर्षों के भीतर व्हीलचेयर की आवश्यकता पड़ने लगती है। गंभीर स्थितियों में व्यक्ति पूरी तरह असहाय या अक्षम हो जाता है। 

उपचार:  

  • फिलहाल फ्राइड्रीच एटाक्सिया (FA) का कोई पुख्ता इलाज मौजूद नहीं है। 
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