संदर्भ
हाल ही में भारत ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने नई दिल्ली स्थित डीपीएसयू भवन में नागरिक बाजार के लिए स्वदेशी गरुड़ उच्च-रिजॉल्यूशन दूरबीन को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। वस्तुतः यह पहल रक्षा क्षेत्र में विकसित स्वदेशी ऑप्टिकल तकनीक को नागरिक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है।
गरुड़ उच्च-रिजॉल्यूशन दूरबीन के बारे में
- ‘गरुड़’ एक स्वदेशी और रक्षा-स्तरीय उच्च-रिजॉल्यूशन दूरबीन है, जिसे नागरिक उपयोग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
- इसका विकास भारतीय सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल उपकरणों से प्राप्त तकनीकी अनुभव के आधार पर किया गया है।
- इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट और पोर्टेबल रखा गया है, ताकि उपयोगकर्ता इसे विभिन्न बाहरी गतिविधियों के दौरान आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
- इसका निर्माण देहरादून स्थित आयुध कारखाने में किया गया है। यह इकाई रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत ऑप्टेल लिमिटेड का हिस्सा है।
आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा:
- गरुड़ को नागरिक बाजार में उतारने का प्रमुख उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में विकसित भारत की स्वदेशी ऑप्टिकल क्षमता को व्यावसायिक रूप देना है। इसके जरिए उच्च गुणवत्ता वाले ऑप्टिकल उपकरणों को देश में ही तैयार कर आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
- यह उपकरण बाहरी गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों के अलावा शोधकर्ताओं और विभिन्न नागरिक पेशेवरों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
गरुड़ की प्रमुख विशेषताएं:
- 8 गुना आवर्धन क्षमता: गरुड़ में 8 गुना ऑप्टिकल मैग्निफिकेशन की सुविधा है। इसके साथ 7.6 डिग्री का विस्तृत दृश्य क्षेत्र मिलता है। इससे दूर स्थित वस्तुओं को स्पष्ट देखने के साथ आसपास के क्षेत्र का व्यापक दृश्य भी प्राप्त किया जा सकता है।
- दृष्टि के अनुसार फोकस समायोजन: उपयोगकर्ताओं की अलग-अलग दृष्टि आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसमें ±5 डायॉप्टर एडजस्टमेंट की सुविधा दी गई है। इससे व्यक्ति अपनी आंखों के अनुरूप फोकस को बेहतर ढंग से निर्धारित कर सकता है।
- आरामदायक पकड़ और आई-कप: दूरबीन को लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान सुविधा बनाए रखने के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन दिया गया है। इसमें फिसलन से बचाने वाली पकड़ और मुलायम आई-कप लगाए गए हैं, जिससे लगातार इस्तेमाल के दौरान आंखों और हाथों पर पड़ने वाली थकान कम हो सकती है।
- मजबूत और मौसम-रोधी ढांचा: गरुड़ को ऐसे मजबूत बाहरी ढांचे में तैयार किया गया है, जो अलग-अलग मौसम और कठिन बाहरी परिस्थितियों में इसके प्रदर्शन को बनाए रखने में मदद करता है।
- हल्का और आसानी से ले जाने योग्य: इस दूरबीन का वजन करीब 610 ग्राम है। इसका वजन ऐसा रखा गया है कि हाथ में पकड़कर इस्तेमाल करने में पर्याप्त स्थिरता मिले और इसे बाहर ले जाना भी सुविधाजनक रहे।
गरुण का प्रयोग:
- गरुड़ को नागरिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने से स्वदेशी रक्षा तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल का दायरा बढ़ सकता है। इसका उपयोग पक्षी-दर्शन, वन एवं वानिकी, वन्यजीव संरक्षण, खेल गतिविधियों, समुद्री संचालन, पर्यटन और निजी सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
- इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह रक्षा क्षेत्र में विकसित उच्च-स्तरीय ऑप्टिकल विनिर्माण क्षमता को नागरिक बाजार की जरूरतों से जोड़ती है। इससे भारत में बने उच्च-सटीकता वाले ऑप्टिकल उपकरणों के लिए घरेलू बाजार विकसित करने के साथ-साथ आय के नए स्रोत तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।