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गिटहब प्लेटफ़ॉर्म 

चर्चा में क्यों?

भारत में मुस्लिम महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री को अपलोड करने वाले ऐप ‘बुल्ली बाई’ को विकसित और साझा करने के लिये ओपन-सोर्स सॉफ़्टवेयर रिपॉजिटरी सेवा ‘गिटहब’ चर्चा में है।

प्रमुख बिंदु

  • गिटहब दुनिया का पहला ‘ओपन सोर्स डेवलपर कम्युनिटी प्लेटफ़ॉर्म’ है, जहाँ उपयोगकर्ता अपने प्रोजेक्ट तथा कोड अपलोड करता है। अपलोड सामग्री को लोग  देखकर इसमें सुधार अथवा संपादित कर सकते हैं।
  • यह प्लेटफ़ॉर्म सॉफ़्टवेयर ‘गिट’ का उपयोग करता है, जिसे वर्ष 2005 में ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम ‘लिनक्स’ के डेवलपर लिनुस ट्रोवाल्ड्स द्वारा बनाया गया था।
  • गिटहब पर उपयोगकर्ता द्वारा केवल एक ई-मेल आईडी का उपयोग कर खाता खोला जा सकता है। यह खाता निशुल्क अथवा सशुल्क खोला जा सकता है।
  • इस प्लेटफ़ॉर्म पर किसी सार्वजनिक प्रोजेक्ट को अन्य लोग भी देख सकते हैं। इसकी ज़्यादातर सुविधाएँ उपयोगकर्ता के लिये निःशुल्क होती हैं।
  • गिटहब की घोषित नीतियों के तहत इस प्लेटफ़ॉर्म पर केवल ऐसी सामाग्रियों को अपलोड करने की अनुमति है जो सम्मानजनक एवं शिष्ट हों।
  • इस पर आपत्तिजनक, हिंसक तथा आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामाग्रियों तथा किसी व्यक्ति या समूह पर उनकी पहचान के आधार पर हमला करने वाले भाषण को अपलोड करने की अनुमति नहीं है।
  • प्लेटफ़ॉर्म के नियमों का उल्लंघन करने पर इसकी सूचना उपयोगकर्ता को देकर गिटहब उनकी सामग्री को हटा या ब्लॉक कर खाते को निलंबित कर सकता है।
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