संदर्भ
हाल ही में उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में 'ज्ञानी अर्थ' का शुभारंभ किया, जो ज्ञानी एआई द्वारा विकसित इवोन 3.3 और प्लेक्सस से युक्त एक स्वतंत्र एआई स्टैक है। इवोन 3.3 एक बड़ा भाषा मॉडल है, जबकि प्लेक्सस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो एआई बुद्धिमत्ता को वास्तविक दुनिया के कार्यों और संस्थानों से जोड़ता है।
‘ज्ञानी अर्थ’ संप्रभु एआई स्टैक के बारे में
- Gnani Artha भारत में विकसित एक एंड-टू-एंड सॉवरेन AI टेक्नोलॉजी स्टैक है, जिसे भारतीय उद्यमों और सार्वजनिक संस्थानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके दो प्रमुख घटक हैं:
- Evon 3.3: लगभग 30 अरब पैरामीटर वाला ओपन-वेट्स फाउंडेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), जिसे भारतीय भाषाओं के डेटासेट और विशिष्ट क्षेत्रों से जुड़े टोकन के आधार पर फाइन-ट्यून किया गया है।
- Plexus: एक एंटरप्राइज-स्तरीय एजेंटिक AI ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म, जो AI की क्षमताओं को संस्थागत अनुप्रयोगों में स्वचालित और लक्ष्य-आधारित कार्यप्रवाहों में बदलने में सहायता करता है।
कंपनी
- इसे ज्ञानी (GNANI) एआई, बेंगलुरु स्थित conversational और voice-AI क्षेत्र की डीप-टेक स्टार्टअप ने विकसित किया है।
मुख्य उद्देश्य
इस पहल का लक्ष्य भारत में स्वदेशी, सुरक्षित और लागत-कुशल उन्नत एआई क्षमता विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- डेटा की संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- भारतीय भाषाओं की भाषाई एवं संरचनात्मक विविधताओं को बेहतर ढंग से संभालना।
- विदेशी स्वामित्व वाले एआई मॉडल और क्लाउड प्रणालियों पर भारतीय उद्यमों की निर्भरता कम करना।
ज्ञानी अर्थ (Gnani Artha) की प्रमुख विशेषताएँ
- Mixture-of-Experts (MoE) आर्किटेक्चर: Evon 3.3 में लगभग 30 अरब पैरामीटर हैं, लेकिन प्रत्येक टोकन या कार्य के लिए लगभग 3.5 अरब पैरामीटर ही सक्रिय होते हैं। इससे कम कंप्यूटिंग संसाधनों में उन्नत भाषा-प्रसंस्करण और रीजनिंग संभव होती है।
- भारतीय भाषाओं के लिए पुनः विकसित Tokenizer: इसका स्वदेशी tokenizer भारतीय लिपियों और रूपात्मक रूप से समृद्ध भाषाओं के लिए अनुकूलित है। इसके कारण प्रमुख वैश्विक फाउंडेशनल मॉडलों की तुलना में प्रति शब्द 20% तक कम टोकन की आवश्यकता हो सकती है, जिससे inference की लागत घटती है।
- Open-Weights मॉडल: इसे उदार Apache 2.0 लाइसेंस के तहत उपलब्ध कराया गया है। इससे भारतीय शोधकर्ता और डेवलपर इसके मॉडल-वेट्स का अध्ययन, fine-tuning और अपने उपयोग के अनुसार अनुकूलन कर सकते हैं।
- On-Premise और Single-Node Deployment: इसे किसी संगठन के निजी डेटा सेंटर में एकल कंप्यूट नोड पर चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे स्थानीय डेटा-लोकलाइजेशन और गोपनीयता संबंधी आवश्यकताओं के अनुपालन में सहायता मिलती है।
- Plexus के माध्यम से स्वायत्त Enterprise Agents: गैर-तकनीकी उपयोगकर्ता भी प्राकृतिक भाषा के निर्देशों के जरिए विशेष एआई एजेंट बना और चला सकते हैं। इनका उपयोग डेटाबेस क्वेरी, दस्तावेज सत्यापन जैसे कार्यों में किया जा सकता है तथा इनमें audit logging की सुविधा भी है।
महत्त्व
- संवेदनशील डेटा को भारत के भीतर रखने में सहायता करता है, जिससे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम को समर्थन मिलता है और विदेशी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम हो सकती है।
- स्वदेशी जेनरेटिव एआई और सॉवरेन एलएलएम क्षमता को बढ़ावा देकर यह आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत@2047 के व्यापक लक्ष्यों में योगदान कर सकता है।