New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

भारत-थाईलैंड संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘मैत्री'

संदर्भ 

हाल ही में भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ के 15वें संस्करण (2026) में भाग लेने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी थाईलैंड रवाना हुई। यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का पिछला संस्करण सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई में आयोजित किया गया था।

संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘मैत्री' के बारे में

  • वर्ष 2006 में शुरू हुआ मैत्री अभ्यास भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग को सुदृढ़ बनाने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच है।

 

  • यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन, आपसी समझ और सद्भावना को बढ़ाता है, जिससे दोनों देशों के दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंध और भी सशक्त होते हैं।

मैत्री अभ्यास का उद्देश्य: 

  • मैत्री अभ्यास का उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग को प्रोत्‍साहन देना है। 
  • यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के अन्‍तर्गत जंगल और शहरी वातावरण में उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त अभियानों को अंजाम देने में दोनों देशों की क्षमताओं को बढ़ाएगा। 
  • इस प्रशिक्षण में क्षेत्र अभ्यास, युद्ध से संबंधित चर्चाएं, व्याख्यान, प्रदर्शन और समापन सत्यापन अभ्यास भी होंगे। 
  • टुकड़ियां परिचालन अनुभव का आदान-प्रदान भी करेंगी और संयुक्त अभियानों के दौरान उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगी।

संयुक्त सैन्य अभ्यास में भागीदारी:

  • भारतीय सेना और थाई शाही सेना की टुकड़ियों में 85-85 जवान शामिल हैं। 
  • भारतीय सेना की टुकड़ी में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के सैनिक हैं जबकि थाई सेना की टुकड़ी में 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवान शामिल हैं। 
  • इस अभ्यास में कंपनी स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण शामिल होगा जो जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संचालन पर केंद्रित होगा।

भारत-थाईलैंड द्विपक्षीय संबंध 

  • भारत-थाई संबंध, जिन्हें भारतीय-थाई या इंडो-थाई संबंध भी कहा जाता है, भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को संदर्भित करते हैं। ये संबंध भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद, 1947 में स्थापित हुए थे। 
  • भारत थाईलैंड के साथ एक लंबी समुद्री सीमा साझा करता है, क्योंकि भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह अंडमान सागर के किनारे थाईलैंड के साथ एक समुद्री सीमा साझा करते हैं। थाईलैंड के साथ भारत के आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध इतिहास, सदियों पुराने सामाजिक-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापक जन-संपर्कों में गहराई से निहित हैं।

थाईलैंड की रणनीतिक स्थिति: 

  • दक्षिण पूर्व एशिया के केंद्र में स्थित थाईलैंड की रणनीतिक स्थिति इसे आसियान का प्रवेश द्वार बनाती है, क्योंकि यह क्षेत्र आसियान आर्थिक समुदाय (एईसी) में एकीकृत हो चुका है।   
  • भारत की 'लुक ईस्ट' नीति (1993 से) और थाईलैंड की 'लुक वेस्ट' नीति (1996 से) भारत की 'एक्ट ईस्ट' और थाईलैंड की 'एक्ट वेस्ट' नीतियों में परिवर्तित हो चुकी हैं और आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। 
  • आसियान के साथ भारत की सहभागिता और बिम्सटेक, मेकांग गंगा सहयोग (एमजीसी) और एशिया सहयोग संवाद (एसीडी) जैसे समूहों की सदस्यता के संदर्भ में थाईलैंड के साथ भारत की साझेदारी का एक मजबूत क्षेत्रीय आयाम भी है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच नियमित रूप से उच्च स्तरीय आदान-प्रदान हुए हैं और घनिष्ठ राजनीतिक संबंधों ने आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों में एक नई गतिशीलता लाने में योगदान दिया है।

द्विपक्षीय व्यापार:  

  • आसियान क्षेत्र में, सिंगापुर और इंडोनेशिया के बाद थाईलैंड भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में रिकॉर्ड 20.93 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें भारत से थाईलैंड को निर्यात 5.06 अरब अमेरिकी डॉलर और थाईलैंड से भारत को आयात 15.87 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR