संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मुंबई में विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत का नेट जीरो (शुद्ध-शून्य उत्सर्जन) पोर्टल और जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया।
प्रमुख बिंदु
- ये दोनों डिजिटल पहलें पारदर्शिता, समन्वय और साक्ष्य-आधारित जलवायु कार्रवाई को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नेट जीरो पोर्टल विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध करता है, जबकि एनएपीसीसी डैशबोर्ड जलवायु परिवर्तन से संबंधित राष्ट्रीय मिशनों के अंतर्गत प्रगति की समेकित निगरानी को सक्षम बनाता है।
नेट ज़ीरो पोर्टल के बारे में
- नेट ज़ीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय संस्थाओं द्वारा नेट ज़ीरो संबंधी प्रतिबद्धताओं के स्वैच्छिक पंजीकरण और प्रकटीकरण के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
सुविधाएं:
- इसमें भाग लेने वाली संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का विवरण दे सकती हैं, नेट ज़ीरो लक्ष्य घोषित कर सकती है और वार्षिक प्रगती संबंधी नवीनतम जानकारी उपलब्ध करा सकती हैं।
- संस्थाओं को स्कोप 1 और स्कोप 2 उत्सर्जन की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जबकी इसको स्कोप 3 उत्सर्जन की रिपोर्टिंग स्वैच्छिक रहेगी।
- पोर्टल संस्थाओं को नेट ज़ीरो की दिशा में अपनी कार्ययोजना का विवरण देने की सुविधा भी प्रदान करता है, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण, ऊर्जा दक्षता, प्रौद्योगिकीय हस्तक्षेप और कार्बन निष्कासन से संबंधित उपाय शामिल हैं।
विशेषताएं:
- यह पहल स्वैच्छिक जलवायु कार्रवाइयों को एक साझा मंच पर लाती है, पारदर्शिता बढ़ाती है और विश्वसनीय दीर्घकालिक जलवायु नियोजन को प्रोत्साहित करती है।
- जो संस्थाएं अपने नेट ज़ीरो लक्ष्यों की सफलतापूर्वक घोषणा करेंगी, उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से एक स्वीकृति पत्र (एक्नॉलेजमेंट) प्रदान किया जाएगा।
- इसमें भाग लेने वाली संस्थाओं, संगठनों और उद्योगों द्वारा की गई घोषणाओं तक सार्वजनिक पहुंच से देश में की जा रही स्वैच्छिक नेट ज़ीरो कार्रवाइयों का एक समेकित भंडार भी तैयार होगा।
- इस पोर्टल को https://netzeroindia.moef.gov.in/ पर देखा जा सकता है।
एनएपीसीसी डैशबोर्ड के बारे में
विशेषताएं:
- यह मिशन से संबंधित सूचनाओं और चिन्हित संकेतकों को एक साझा मंच पर एकत्र करता है, जिससे संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा व्यवस्थित निगरानी की सुविधा मिलती है।
- डैशबोर्ड अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करेगा, राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाइयों के साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन में सहायता करेगा, क्षेत्रवार प्रगति का आकलन करने और कार्यान्वयन संबंधी कमियों की पहचान करने में सहायता करेगा तथा मंत्रालयों और विभागों से प्राप्त प्रासंगिक सूचनाओं का समेकन करेगा।
- इससे घरेलू जलवायु संबंधी कार्रवाइयों और भारत की अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संबंधों के भी सुदृढ़ होने की उम्मीद है। इस डैशबोर्ड को https://napccindia.moef.gov.in/ पर देखा जा सकता है।
प्रासंगिकता
- नेट ज़ीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड का शुभारंभ भारत सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी-सक्षम गवर्नेंस, पारदर्शिता, संस्थागत समन्वय और साक्ष्य-आधारित जलवायु कार्रवाई पर निरंतर दिये जा रहे जोर को दर्शाता है। साथ ही, यह भारत के निम्न कार्बन और जलवायु-अनुकूल भविष्य की ओर संक्रमण में व्यापक भागीदारी को सुगम बनाएगा।