New
Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

रुपए में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निपटान की अनुमति

चर्चा में क्यों  

हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत और अन्य देशों के बीच रुपए में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निपटान (International Trade Settlements) की अनुमति देने की घोषणा की है। 

कार्यप्रणाली 

  • किसी भी देश के साथ व्यापार लेन-देन के निपटान के लिये भारत में बैंक व्यापारिक भागीदार देश के कॉरस्पॉडेंट बैंक (Correspondent Bank) के वोस्ट्रो खाते खोलेंगे। 
  • वोस्ट्रो एक ऐसा खाता होता है जो एक कॉरस्पॉडेंट बैंक दूसरे बैंक की ओर से रखता है। उदाहरण के लिये एच.एस.बी.सी. (HSBC) वोस्ट्रो खाता भारत में एस.बी.आई. (SBI) द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
  • भारतीय आयातक इन खातों में अपने आयात का भुगतान रुपए में कर सकते हैं। इस आय का उपयोग भारतीय निर्यातकों को भारतीय मुद्रा में भुगतान करने के लिये किया जा सकता है। 

भुगतान की वर्तमान प्रणाली

  • वर्तमान में, यदि कोई कंपनी निर्यात या आयात करती है, तो लेन-देन हमेशा किसी विदेशी मुद्रा में होता है। इसलिये आयात के मामले में भारतीय कंपनी को विदेशी मुद्रा (मुख्यतः डॉलर) में भुगतान करना पड़ता है। 
  • भारतीय कंपनी को निर्यात के मामले में विदेशी मुद्रा में भुगतान प्राप्त होता है और कंपनी उस विदेशी मुद्रा को रुपए में बदल देती है, क्योंकि उसे अधिकतर मामलों में रुपए की जरूरत होती है। 
  • वर्तमान में नेपाल और भूटान के साथ ही रुपए में भुगतान की अनुमति है। 

भारत को लाभ  

  • इस कदम से मुख्यतः रूस के साथ व्यापारिक लाभ होने की संभावना है, जबकि डॉलर के बहिर्वाह और रुपए के मूल्य ह्रास को रोकने में आंशिक तौर पर मदद मिलने की संभावना है।  
  • निर्यात को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही वैश्विक कारोबारियों के बीच रुपए की स्वीकार्यता बढ़ेगी। 
  • महँगाई में कमी आएगी और भू-राजनीतिक संकट के दुष्प्रभावों से निपटना आसान होगा। 
  • भारत रुपए में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कर सकेगा जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रुपया मजबूत होगा। 
  • आयात का भुगतान रुपए में किया जा सकेगा जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होगी। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR