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कलमकारी पेंटिंग : प्रक्रिया, शैलियाँ एवं महत्व

  • प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कलामकारी शैली में निर्मित महाभारत की एक उत्कृष्ट हस्तनिर्मित पेंटिंग भेंट की। 
  • आंध्र प्रदेश की इस पारंपरिक कलाकृति में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत का सुंदर चित्रण किया गया है।

कलमकारी पेंटिंग क्या है ?

  • कलमकारी आंध्र प्रदेश की एक प्रसिद्ध हस्तचित्रित (Hand-Painted) एवं ब्लॉक-प्रिंटेड सूती वस्त्र एवं चित्रकला परंपरा है। 
  • इसका विकास 16वीं–17वीं शताब्दी में Qutb Shahi Dynasty के शासनकाल के दौरान हुआ। 
  • ‘कलमकारी’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— 
    • कलम (Kalam) = पेन/लेखनी 
    • कारी (Kari) = शिल्पकला या कारीगरी 

कलमकारी पेंटिंग बनाने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले कपड़े को कसैले पदार्थों (Astringents) और भैंस के दूध के मिश्रण में भिगोकर धूप में सुखाया जाता है। 
  • इसके बाद लाल, काले, भूरे और बैंगनी रंगों की रूपरेखा मॉर्डेंट (Mordant) की सहायता से बनाई जाती है। 
  • फिर कपड़े को एलिज़ारिन (Alizarin) के घोल में डुबोया जाता है। 
  • जिन हिस्सों को रंगना नहीं होता, उन पर मोम (Wax) लगाया जाता है और कपड़े को नील (Indigo) के रंग में डुबोया जाता है। 
  • मोम हटाने के बाद शेष भागों में हाथ से रंग भरे जाते हैं। 
  • कलाकार बांस या खजूर की लकड़ी से बनी कलम का उपयोग करते हैं, जिसके सिरे पर बारीक बाल लगे होते हैं। 
  • रंग प्राकृतिक स्रोतों जैसे जड़ों, पत्तियों, बीजों तथा लौह और तांबे जैसे खनिजों से तैयार किए जाते हैं। 

कलमकारी पेंटिंग की प्रमुख शैलियाँ

1. श्रीकालहस्ती कलमकारी (Srikalahasti Kalamkari)

  • इसका अभ्यास आंध्र प्रदेश के Srikalahasti में किया जाता है। 
  • यह पूरी तरह हाथ से कलम (Pen) द्वारा बनाई जाती है। 
  • इसकी प्रमुख विशेषता मुक्तहस्त चित्रांकन (Freehand Drawing) और अत्यंत सूक्ष्म विवरण है। 

विषय-वस्तु (Themes):

  • पौराणिक कथाएँ 
  • देवी-देवताओं के चित्र 
  • धार्मिक प्रतीक 
  • मंदिर वास्तुकला 
  • महाभारत एवं रामायण जैसे महाकाव्यों के प्रसंग 

2. मछलीपट्टनम कलमकारी (Machilipatnam Kalamkari)

  • इसे पेडाना कलमकारी (Pedana Kalamkari) भी कहा जाता है। 
  • इसका विकास Pedana (मछलीपट्टनम के निकट) में हुआ। 
  • इस शैली पर फारसी कला का गहरा प्रभाव है, जिसे मुगल शासकों और गोलकुंडा सल्तनत का संरक्षण प्राप्त था। 
  • इसमें मुख्यतः ब्लॉक-प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। 

विषय-वस्तु (Themes):

  • पुष्पीय (Floral) आकृतियाँ 
  • ज्यामितीय (Geometric) डिज़ाइन 
  • सजावटी पैटर्न 

विशेष महत्व

  • कलमकारी भारत की पारंपरिक हस्तशिल्प एवं वस्त्र कला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 
  • यह प्राकृतिक रंगों, पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों तथा भारतीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। 
  • श्रीकालहस्ती और मछलीपट्टनम दोनों शैलियों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है।
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