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लीफ स्पॉट डिज़ीज़ (Leaf Spot Disease)

संदर्भ 

कर्नाटक में सुपारी की खेती को सुरक्षित रखने के लिए राज्य के प्रमुख कृषि संस्थान सक्रिय हैं। इस जून में, सुपारी के बागानों में फैलने वाली लीफ स्पॉट डिजीज (LSD) के नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे तीन साल के विशेष फील्ड डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट का पहला सफल वर्ष पूरा होने जा रहा है।  

लीफ स्पॉट डिजीज (LSD) के बारे में 

  • यह एक गंभीर रोगजनक समस्या है जो पौधों की जीवन शक्ति पर प्रहार करती है।
  • यह बीमारी पौधों में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्षमता को बाधित करती है। जब पौधे पर्याप्त ऊर्जा नहीं बना पाते, तो वे अंदरूनी रूप से कमजोर होने लगते हैं। 
  • यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए और यह लगातार कई सीजन तक बना रहे, तो यह पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है।  
  • यह रोग मुख्य रूप से हवा के झोंकों या सिंचाई और वर्षा की बूंदों के माध्यम से फैलता है, जो फंगल स्पोर्स (बीजाणु) को स्वस्थ पौधों तक पहुँचाते हैं।  

रोग के कारण 

इस रोग का मुख्य कारण कवक (Fungi) होते हैं, हालांकि कभी-कभी बैक्टीरिया भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

  • यह रोग उन स्थानों पर तेजी से पनपता है जहाँ नमी (Humidity) अधिक हो। 
  • यदि पत्तियों पर 12 से 24 घंटों तक पानी टिका रहे, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 

रोग की पहचान 

  • पत्तियों पर कोणीय या गोल धब्बे उभर आते हैं, जो पीले, नारंगी, भूरे या काले रंग के हो सकते हैं।
  • यह रोग अक्सर बागान के उन हिस्सों (निचली और घनी शाखाओं) से शुरू होता है जहाँ हवा कम पहुँचती है और नमी ज्यादा होती है। 
  • छोटे धब्बे नए संक्रमण का संकेत हैं, जबकि बड़े धब्बों के केंद्र में फंगस के बीजाणु स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।

रोग प्रबंधन की रणनीतियाँ 

बागान की स्वच्छता (Sanitation)  

  • संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए जमीन पर गिरी संक्रमित पत्तियों और कचरे को इकट्ठा कर नष्ट कर देना चाहिए। यह अगले सीजन में दोबारा संक्रमण को रोकने का सबसे कारगर तरीका है। 

कृषि सुधार (Cultural Practices) 

  • जल निकासी की उत्तम व्यवस्था करें ताकि बागान में अतिरिक्त पानी जमा न हो। 
  • वायु के बेहतर संचार के लिए पौधों की छंटाई (Pruning) करें और उनके बीच उचित दूरी बनाए रखें। 

मिट्टी का पोषण (Soil Health) 

  • यदि मिट्टी अम्लीय (Acidic) है, तो संतुलित मात्रा में चूने का प्रयोग करें।
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों और नीम की खली का संतुलित मिश्रण मिट्टी में मिलाएं। 

नियंत्रण के तकनीकी उपाय 

  • मिट्टी के माध्यम से होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए ट्राइकोडर्मा का उपयोग करें। 
  • मानसून के दौरान बोर्दो मिश्रण (Bordeaux mixture) का छिड़काव सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
  • यदि संक्रमण अधिक हो, तो प्रभावित हिस्सों को हटाने के बाद प्रोपिकोनाज़ोल या टेबुकोनाज़ोल जैसे कवकनाशियों का लक्षित इस्तेमाल करें। 
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