विदेशी अंशदान (Foreign Contribution) क्या है?
- विदेशी अंशदान (Foreign Contribution) की परिभाषा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 (FCRA, 2010) की धारा 2(1)(h) में दी गई है।
- इसके अनुसार, किसी भी विदेशी स्रोत (Foreign Source) द्वारा किया गया दान, डिलिवरी या हस्तांतरण (Transfer) निम्नलिखित परिस्थितियों में विदेशी अंशदान माना जाएगा-
(i) किसी वस्तु (Article) का दान:
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ऐसी किसी वस्तु का दान, जो किसी व्यक्ति को उसके व्यक्तिगत उपयोग के लिए उपहार स्वरूप दी गई वस्तु न हो, बशर्ते कि उस वस्तु का भारत में बाजार मूल्य, उपहार दिए जाने की तिथि पर, केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर नियमों के माध्यम से निर्धारित राशि से अधिक हो।
(ii) किसी मुद्रा (Currency) का दान:
(iii) प्रतिभूति (Security) का दान:
- प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 की धारा 2 के खंड (h) में परिभाषित किसी प्रतिभूति का दान, डिलिवरी या हस्तांतरण। इसमें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) की धारा 2 के खंड (o) में परिभाषित विदेशी प्रतिभूतियाँ भी शामिल हैं।
- यदि कोई व्यक्ति किसी विदेशी स्रोत से प्रत्यक्ष रूप से या एक अथवा अधिक व्यक्तियों के माध्यम से कोई वस्तु, मुद्रा या विदेशी प्रतिभूति प्राप्त करता है और बाद में उसे किसी अन्य व्यक्ति को दान, प्रदाय या हस्तांतरित करता है, तो वह भी विदेशी अंशदान माना जाएगा।
- विदेशी अंशदान से प्राप्त धनराशि को धारा 17(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट बैंक खाते में जमा करने पर उस पर अर्जित ब्याज, अथवा विदेशी अंशदान से प्राप्त कोई अन्य आय भी विदेशी अंशदान मानी जाएगी।
निम्नलिखित प्राप्तियाँ विदेशी अंशदान की परिभाषा से बाहर होंगी
- भारत में किसी विदेशी स्रोत से प्राप्त शुल्क (Fee);
- भारत में किसी शैक्षणिक संस्था द्वारा विदेशी छात्रों से ली गई फीस;
- किसी व्यक्ति द्वारा अपने व्यवसाय, व्यापार या वाणिज्य के सामान्य संचालन के दौरान वस्तुओं या सेवाओं के बदले प्राप्त लागत या भुगतान;
- ऐसी फीस या लागत के भुगतान हेतु किसी विदेशी स्रोत या उसके एजेंट से प्राप्त राशि।
- अर्थात, व्यवसाय, व्यापार, वाणिज्य या शैक्षणिक सेवाओं के बदले प्राप्त वैध भुगतान को विदेशी अंशदान नहीं माना जाएगा।
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