ग्राम पंचायतों के लिए जल बजट निर्धारण पर पंचायती राज मंत्रालय ने ग्राम पंचायतों द्वारा जल बजट एवं जल सुरक्षा योजना तैयार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर मास्टर ट्रेनर्स के पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली में 13 से 16 जुलाई 2026 तक आवासीय कार्यक्रम के रूप में किया जा रहा है।
जल बजट निर्धारण पर राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर्स कार्यक्रम के बारे में
यह कार्यक्रम राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स का एक पूल तैयार करने के लिए देशव्यापी क्षमता निर्माण पहल की शुरुआत का प्रतीक है।
ये प्रशिक्षक तकनीकी रूप से सुदृढ़, साक्ष्य-आधारित और समुदाय-संचालित जल सुरक्षा योजनाएं तैयार करने में ग्राम पंचायतों की मदद करेंगे।
उद्देश्य:
इस पहल का उद्देश्य जल बजट के माध्यम से जल सुरक्षा योजनाएं तैयार करने के लिए ग्राम पंचायतों की क्षमता को मजबूत करना है, जिससे जल-पर्याप्त ग्राम पंचायतों के विजन को आगे बढ़ाया जा सके।
क्रियान्वयन और लक्ष्य:
मास्टर ट्रेनर्स का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रौद्योगिकीय नवाचारों और समुदाय-आधारित योजना के माध्यम से जल प्रबंधन को मजबूत करने पर केन्द्रित है।
एक संवादात्मक और व्यावहारिक कार्यक्रम के रूप में डिज़ाइन किया गया यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को जल बजट, स्थानीय जल संसाधनों और मांग के आकलन, उपयुक्त संरक्षण उपायों की पहचान और जलवायु-अनुकूल एवं समावेशी जल सुरक्षा योजनाओं को तैयार करने में व्यावहारिक कौशल से लैस करता है। यह इन योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) के साथ एकीकृत करने और ग्राम स्तर पर कार्यान्वयन रणनीतियों को विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
इस पाठ्यक्रम में जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण के बाद के आकलन और अंतर-चरण कार्य शामिल हैं।
प्रथम चरण में शामिल राज्य:
इस पहल के पहले चरण में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों के 100 जिलों, 100 ब्लॉकों और 1,000 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा।
पहले बैच में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के प्रतिभागी शामिल हैं, जो बाद में आगामी जन योजना अभियान (पीपीसी) के दौरान ग्राम पंचायतों को सहयता प्रदान करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।