संदर्भ
हाल ही में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने लोकसभा में नव्या कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी दी।
NAVYA कार्यक्रम के बारे में
- NAVYA (नर्चरिंग एस्पिरेशन थ्रू वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर यंग अडोलेसेंट गर्ल्स) पहल की शुरुआत वर्ष 2025 में की गई थी।
- इसका उद्देश्य आकांक्षी जिलों की 16 से 18 वर्ष की किशोरियों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
- यह कार्यक्रम कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) की संयुक्त पहल है।
- इस योजना को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (पीएमकेवीवाई 4.0) के तहत लागू किया जा रहा है।
नव्या (NAVYA) कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
- कौशल प्रशिक्षण: NAVYA के अंतर्गत किशोरियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न कौशल पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) भी शामिल है, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक कार्य-अनुभव प्राप्त हो सके।
- भविष्य के रोजगार पर विशेष ध्यान: कार्यक्रम में भविष्य की मांग वाले रोजगार क्षेत्रों और नए कौशलों से जुड़े प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, सभी प्रतिभागियों के लिए होलिस्टिक डेवलपमेंट मॉड्यूल (समग्र विकास मॉड्यूल) अनिवार्य रखा गया है। इसमें डिजिटल लिटरेसी (डिजिटल साक्षरता), फाइनेंशियल लिटरेसी (वित्तीय साक्षरता), करियर रेडीनेस (करियर की तैयारी) और एंटरप्रेन्योरशिप ओरिएंटेशन (उद्यमिता उन्मुखीकरण) जैसे विषय शामिल हैं।
- निगरानी एवं मूल्यांकन: सरकार प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत स्थापित निगरानी व्यवस्था के माध्यम से कार्यक्रम के कार्यान्वयन और परिणामों की नियमित समीक्षा एवं मूल्यांकन करती है।
- डिजिटल माध्यम से निगरानी: स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) का उपयोग लाभार्थियों के पंजीकरण, उपस्थिति, प्रशिक्षण की प्रगति, प्रमाणन तथा अन्य प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की रियल-टाइम ट्रैकिंग (वास्तविक समय में निगरानी) के लिए किया जाता है।
- नियमित समीक्षा बैठकें: कार्यक्रम की प्रगति का आकलन करने और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसियों (पीआईए), स्टेट स्किल डेवलपमेंट मिशन्स (एसएसडीएम) तथा अन्य संबंधित हितधारकों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।