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Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 2025

(प्रारंभिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव)

संदर्भ

  • रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 2025 के भौतिकी नोबेल के विजेताओं के रूप में तीन वैज्ञानिकों जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरेट और जॉन मार्टिनिस का नाम घोषित किया है। इन्हें मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग और ऊर्जा क्वांटाइजेशन की प्रक्रिया को नियंत्रित करने तथा समझने में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। 
  • उनके अनुसंधान ने सुपरकंडक्टिंग सर्किटों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है, जो भविष्य में व्यावहारिक क्वांटम कंप्यूटरों और सेंसरों की नींव बन सकते हैं तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हो सकते हैं।

क्वांटम टनलिंग सिद्धांत 

  • क्वांटम टनलिंग को ‘सुरंग निर्माण’ भी कहा जाता है। यह कणों की भौतिक दीवारों को भेदने की क्षमता को दर्शाता है। यह ऐसा है जैसे क्रिकेट की गेंद पिच पर उछलने की बजाय ज़मीन में धँस जाए। 
  • स्थूल स्तर पर ऐसा व्यवहार देख पाना असंभव है किंतु इन वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिखाया कि यदि एकल कणों को एक साथ संगठित किया जाए तो वे इस विचित्र व्यवहार को प्रदर्शित कर सकते हैं। 

जोसेफसन जंक्शन और सुपरकंडक्टिंग सर्किट

  • इन वैज्ञानिकों ने जोसेफसन जंक्शन का उपयोग करते हुए एक विद्युत परिपथ तैयार किया, जो दो अतिचालकों को जोड़ता है। इस परिपथ में कण एक साथ मिलकर बिना किसी प्रतिरोध के विद्युत प्रवाह का संचालन करते हैं, जैसे वे एक ही ‘कण’ की तरह व्यवहार करते हों। 
  • इस शोध ने सुपर-कंडक्टिंग सर्किट के आधार की नींव रखी, जो क्वांटम कंप्यूटरों और क्वांटम सेंसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

जोसेफसन जंक्शन क्या है ?

  • जोसेफसन जंक्शन एक विशिष्ट उपकरण है जिसे तीनों नोबेल विजेताओं के प्रयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें दो अतिचालकों को एक अत्यंत पतले विद्युतरोधी पदार्थ द्वारा अलग किया जाता है। 
  • इन वैज्ञानिकों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या समग्र परिपथ का एक प्राचल, यानी जंक्शन, एक एकल क्वांटम कण की तरह व्यवहार कर सकता है।

  • उनके प्रयोगों में उन्होंने परिपथ में क्वांटम यांत्रिकी के दो महत्वपूर्ण पहलुओं का निरीक्षण किया 
    • एक ओर क्वांटम टनलिंग और दूसरी ओर अस्थिर ऊर्जा स्तर। इन पहलुओं का विश्लेषण करते हुए, उन्होंने यह सिद्ध किया कि जंक्शन वास्तव में एक क्वांटम कण की तरह काम कर सकता है।

क्वांटम कंप्यूटर एवं क्यूबिट्स का महत्व

  • क्वांटम कंप्यूटर, पारंपरिक कंप्यूटरों से अलग बाइनरी बिट्स के बजाय क्यूबिट्स का उपयोग करते हैं। इस प्रक्रिया के कारण वे गणनाओं को सामान्य कंप्यूटरों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से कर सकते हैं।
  • हालांकि, इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि ये क्वांटम कंप्यूटर एन्क्रिप्शन प्रणालियों के लिए खतरा बन सकते हैं क्योंकि वे सिक्योरिटी मैथमेटिकल लॉक्स को तोड़ने में सक्षम हो सकते हैं। 
  • इसके बावजूद क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास के लिए दुनिया भर में शोध एवं निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हो रहे हैं और भारत भी इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
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