हाल ही में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने कोलकाता स्थित ऋषि बंकिम शिपयार्ड में भारत के उन्नत महासागर अनुसंधान पोत (ORV) ‘सागर मंथन’ का शुभारंभ किया।
ओआरवी ‘सागर मंथन’ के बारे में
स्वदेशी महासागर अनुसंधान पोत ‘सागर मंथन’ भारत में निर्मित एक अत्याधुनिक समुद्री अनुसंधान पोत है।
सर्व-मौसम एवं बहुविषयक प्लेटफॉर्म: इसे विभिन्न मौसम और समुद्री परिस्थितियों में बहुआयामी वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए तैयार किया गया है।
निर्माण:इसका डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) के लिए किया है।
डीप ओशन मिशन: यह भारत सरकार के प्रमुख डीप ओशन मिशन (DOM) के वर्टिकल-4 - डीप ओशन सर्वे एवं एक्सप्लोरेशन के अंतर्गत निर्मित किया गया है।
कठिन समुद्री परिस्थितियों में संचालन: पोत को दक्षिणी महासागर सहित अत्यंत चुनौतीपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अनुमानित सेवा अवधि 30 वर्ष है।
प्रमुख तकनीकी एवं परिचालन विशेषताएँ
उन्नत उपकरण: पोत में डायनेमिक पोजिशनिंग प्रणाली, मल्टीबीम बैथीमेट्री, मल्टीचैनल सिस्मिक सिस्टम, सब-बॉटम प्रोफाइलिंग, वेदर रडार, ड्रॉप कील तथा रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) के संचालन एवं तैनाती की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
अनुसंधान का व्यापक दायरा:यह पोत हिंद महासागर की मध्य-महासागरीय रिजों के क्षेत्र में बहुविषयक अनुसंधान में सहायता करेगा। इसका उद्देश्य बहुधात्विक हाइड्रोथर्मल सल्फाइड खनिजीकरण की पहचान करना, समुद्री पर्यावरण के आधारभूत आंकड़े तैयार करना, ऊपरी वायुमंडलीय डेटा एकत्र करना तथा सीटीडी प्रोफाइलिंग करना है।
दोहरी श्रेणी का प्रमाणन:पोत का निर्माण अंतरराष्ट्रीय नियामक मानकों के अनुरूप किया गया है। इसे इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) और अमेरिकन ब्यूरो ऑफ शिपिंग (ABS) से दोहरी श्रेणी (Dual-Class) प्रमाणन प्राप्त है।